साहित्य सृजन कुटुंब ने शिमला में मनाया सृजनोत्सव : सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन
शिमला । साहित्य, समाज , संस्कृति ,कला और रचनात्मक अभिव्यक्ति को समर्पित संस्था साहित्य सृजन कुटुंब द्वारा हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के रोटरी क्लब सभागार में "सृजनोत्सव : सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन" का भव्य आयोजन किया गया। हिमाचल प्रदेश में संस्था का यह पहला आयोजन साहित्यिक दृष्टि से अत्यंत सफल एवं यादगार रहा।
इस ऐतिहासिक आयोजन के पीछे संस्था की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. संतोष संप्रीति ,सचिव श्री प्रदीप भट्ट एवं कोषाध्यक्ष श्रीमती पुष्पा सोलंकी के अथक प्रयास, समर्पण और साहित्य के प्रति प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण रही। इनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए साहित्यकारों और कवियों को एक साझा मंच प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार एवं सुप्रसिद्ध कहानीकार आदरणीय श्री एस. आर. हरनोट जी रहे। मुख्य अतिथि के रूप में श्री अशोक मिलू जी,(भूतपूर्व विद्युत विभाग अधिकारी)उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में लब्ध प्रतिष्ठित चर्चित साहित्यकार डॉ. सत्यनारायण स्नेही का अति विशिष्ट योगदान रहा।
कार्यक्रम का संयोजन श्री पवन शर्मा द्वारा किया गया। प्रथम सत्र का कुशल एवं प्रभावशाली मंच संचालन शिमला की लेखिका एवं कवयित्री कल्पना गांगटा ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ ईश वंदना से हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत, परिचय, संस्था का परिचय एवं साहित्यिक उपलब्धियों एवं विशिष्ट आयोजनों पर प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को ‘सृजन प्रतिभा सम्मान’ से सम्मानित किया गया। साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री प्रेम पाल आर्य जी, शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए, श्री विनोद वर्मा जी, खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए श्री राजन कुमार जी, समाज सेवा के क्षेत्र में समर्पित कार्यों के लिए श्रीमती निशा भंडारी जी तथा बहुमुखी प्रतिभा के क्षेत्र में योगदान के लिए श्री नरेश चंद्र उनियाल जी को सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह के उपरांत द्वितीय सत्र में भव्य कवि सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसका संचालन लेखिका एवं कवयित्री उमा ठाकुर ने किया। उन्होंने अपनी प्रभावी शैली एवं साहित्यिक गरिमा के साथ कवि सम्मेलन का कुशल संचालन किया।
कवि सम्मेलन में देश एवं प्रदेश के अनेक प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। इसमें डॉ. संतोष संप्रीति, प्रदीप भट्ट ,नरेश चंद्र उनियाल ,एस. आर. हरनोट, डॉ. सत्य नारायण स्नेही,सुनील शर्मा (बिलासपुर), केशव शर्मा (बिलासपुर), जाह्नवी (किन्नौर), सुनीता पूनिया ‘दर्पण’ (दिल्ली), प्रीति मधु शर्मा (लद्दा, बिलासपुर), अनु ठाकुर (मंडी), प्रमोद हर्ष (मंडी), कैप्टन डॉ. जय महलवाल ‘अनजान’ (बिलासपुर), रविंद्र शर्मा ( बिलासपुर) उमा राणा (नालागढ़), ओम प्रकाश शर्मा (शिमला), राम लाल वर्मा (सोलन), दीक्षा शर्मा (सोलन), कंपिला शर्मा (शिमला), सुमन चड्ढा (बिलासपुर), रविंदर चंदेल (बिलासपुर), रजनी बाला ‘सहज’ (दिल्ली) तथा संतोष मिश्रा ‘सोनी’ (देहरादून), पुष्पा सोलंकी ( हरियाणा) प्रेम पाल आर्य (सिरमौर, पवन शर्मा (शिमला),कल्पना गांगटा (शिमला), उमा ठाकुर (शिमला सहित अनेक कवियों ने अपनी उत्कृष्ट कविताओं से श्रोताओं को भाव-विभोर किया।
कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज, प्रकृति, संस्कृति, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्य प्रेमियों ने कवियों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
समारोह के अंत में सभी कवियों एवं प्रतिभागियों को ‘सृजन सारथी’ सम्मान पत्र प्रदान किए गए। धन्यवाद ज्ञापन के पश्चात राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
साहित्य सृजन कुटुंब का हिमाचल में यह प्रथम आयोजन साहित्यिक एकता, सांस्कृतिक संवाद और रचनात्मक ऊर्जा का सुंदर उदाहरण बना।
- संतोष कुमारी,दिल्ली
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