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राशन दुकानदारों के कमीशन भुगतान में अनियमितता, नगर कांग्रेस ने उठाए सवाल


 

राशन दुकानदारों के कमीशन भुगतान में अनियमितता, नगर कांग्रेस ने उठाए सवाल

इटारसी। नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कन्हैया गोस्वामी ने राशन दुकानदारों के कमीशन भुगतान में हो रही अनियमितताओं को लेकर शासन-प्रशासन एवं नान (नागरिक आपूर्ति निगम) के अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक उदासीनता के कारण राशन दुकानदार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं तथा भय और असमंजस की स्थिति में कार्य करने को मजबूर हैं।

कन्हैया गोस्वामी ने बताया कि शासन द्वारा प्रत्येक राशन दुकान के लिए प्रतिमाह ₹10,400 कमीशन निर्धारित किया गया है, लेकिन विगत 14 महीनों से नर्मदापुरम जिले के राशन दुकानदारों को मात्र ₹8,200 प्रतिमाह का भुगतान किया जा रहा है। प्रति माह ₹2,200 की शेष राशि का भुगतान अब तक लंबित है।

उन्होंने कहा कि यह राशि तीन माह से अधिक समय पूर्व नान नर्मदापुरम के पास पहुंच चुकी है, इसके बावजूद राशन दुकानदारों के खातों में जमा नहीं की जा रही है। इसके अलावा शासन द्वारा मार्च-अप्रैल एवं मई-जून माह का राशन एक साथ वितरित कराया गया, जिससे दुकानदारों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ा। इन चार महीनों के कमीशन की राशि भी नान के पास पहुंच चुकी है, लेकिन उसका भुगतान भी अब तक नहीं किया गया है।

नगर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राशन दुकानदार भी परिवार चलाते हैं, उनके ऊपर कर्मचारियों का वेतन, दुकान संचालन और अन्य खर्चों की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में उनका वैध कमीशन रोकना अन्यायपूर्ण है। क्या इन दुकानदारों के परिवार नहीं हैं? क्या उनकी आजीविका की कोई चिंता नहीं की जानी चाहिए?

उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी जनहित की समस्याओं से बेपरवाह बने हुए हैं, जिससे राशन दुकानदारों में भारी नाराजगी है।

कन्हैया गोस्वामी ने कहा कि नगर कांग्रेस कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही कलेक्टर महोदय से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराएगा और लंबित भुगतान तत्काल जारी करने की मांग करेगा।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र समस्या का समाधान नहीं हुआ तो नगर कांग्रेस राशन दुकानदारों के साथ मिलकर आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।"आज चेतावनी है, कल आगाज़ होगा।"


देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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