दो दिवसीय सप्तम कालिदास राष्ट्रीय महर्षि ज्योतिष-विज्ञान सम्मेलन का समापन
आने वाले समय में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी : स्वामी नित्यानंद
- ज्योतिष एक विज्ञान है, आम लोग किसी भ्रम में न पड़ें : पंडित विनोद गौतम
- 450 से अधिक ज्योतिषाचार्य हुए शामिल, नए छात्रों ने भी पढ़े शोध पत्र
भोपाल। विश्व में कई देशों के बीच युद्ध चल रहे हैं, यह केवल अहंकार की लड़ाई है। तेल को लेकर भी लड़ाई है। अपने वर्चस्व को लेकर लड़ रहे हैं। आने वाले समय में भारत निर्णायक भूमिका निभाएगा।
यह बात वृंदावन से पधारे स्वामी नित्यानंद महाराज ने मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकास्ट) सभागार नेहरू नगर आयोजित दो दिवसीय सप्तम कालिदास राष्ट्रीय महर्षि ज्योतिष-विज्ञान सम्मेलन समापन अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि विश्व में शांति की स्थापना केवल ज्योतिषाचार्य और प्रकांड विद्वान ही कर सकते हैं। वर्तमान में ग्रह-दशाओं की चाल से कई देश एक दूसरे पर मिसाइलों से हमला करते रहेंगे। लेकिन इन सभी में भारत तटस्थ रहेगा।
सम्मेलन के संयोजक, ज्योतिष मठ संस्थान के संचालक एवं ज्योतिषाचार्य पं. विनोद गौतम ने बताया कि लोगों के मन में ज्योतिष को लेकर भ्रम है। कई ऐसी भी ज्योतिष विद्याएं हैं, जिनके बारे में अभी लोगों को ज्यादा समझ नहीं है। इसलिए लोग अक्सर गलत लोगों से जुड़ जाते हैं। जबकि इन लोगों से जातकों को सावधान रहना चाहिए।
आध्यात्म से होगा विश्व कल्याण
महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ब्रह्मचारी गिरीश ने कहा कि धर्म की स्थापना से ही विश्व का कल्याण है। अगर प्रतिदिन योग और ध्यान किया जाए तो मनुष्य हमेशा स्वस्थ रहेगा।
ईरान का शनि भारी, युद्ध में नुकसान होगा
40 सालों से ज्योतिष में काम कर रहे पंडित कृपाराम उपाध्याय भविष्यवाणी कर कहते हैं कि जो लोग सनातन की रक्षा के लिए काम करते हैं, आने वाले 5 राज्यों के चुनावों में उनकी सरकार बनने वाली है। ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध पर कहा कि चूंकि ईरान तेल का व्यापार करता है, उसका शनि भारी है। उसे आगे और नुकसान होने वाला है।
एआई आने से बदली ज्योतिष विद्या
ज्योतिष प्रीति वागमारे ने बताया कि ज्योतिष विद्या अपडेट हुई है। पहले हम काफी गणना करते थे, बाकी सब चीजें करने में भी समय लगता था। एआई ने समय हमारा बचा लिया है। उन्होंने कहा कि हम एआई पर भरोसा नहीं कर सकते। क्योंकि सही गणना केवल खुद से होती है। सटीक जवाब आपको खुद गणना करने से ही मिलता है। लोग भी एआई पर अभी उतना विश्वास नहीं करते हैं।
450 से अधिक विद्वानों ने लिया भाग
ज्योतिष सम्मेलन में 18 राज्यों से लगभग 450 ज्योतिषाचार्यों ने भाग लिया। जिसमें सभी विषयों पर शोध पत्र पढ़कर विशेष जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन ज्योतिषाचार्य डॉ. निलिम्प त्रिपाठी ने किया। सम्मेलन में दतिया महाराजा राहुल देव, डॉ. नंदकिशोर पुरोहित, ज्योतिषाचार्य रामदयाल पांडेय, सगुन नागर, राजस्थान, प्रमोद शास्त्री, सागर, रामजीवन दुबे गुरुजी, डॉ. जयप्रकाश पालीवाल, नारायण व्यास, आचार्य अनंत कुमार मिश्रा, मंहत मणिदास महाराज, धनेश प्रपन्नचार्य, मुन्नालाल मिश्रा, सेवानिवृत्त कर्नल एचपी द्विवेदी, आनंद शिव मेहता, इंदौर , महामंडलेश्वर रामशंकर तिवारी, पंडित प्रकाश गौड़ आदि शामिल हुए।
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