वर्षा ने बदला अपना नक्षत्र : छठवें दौर में वर्षा पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में सवार होगी
भोपाल। 31 अगस्त को शाम 7:18 पर वर्षा का नक्षत्र बदलने जा रहा है भगवान सूर्य पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र पर प्रवेश कर रहे हैं यह वर्षा का छठवां नक्षत्र है।
ज्योतिष मठ संस्थान के ज्योतिष आचार्य एवं भविष्यवक्ता पंडित विनोद गौतम के अनुसार भारतीय मौसम ज्योतिष विज्ञान के आधार पर भारत में मौसम कुल आठ नक्षत्र में वारिस कराता है। 31 अगस्त को पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में वर्षा का प्रवेश होगा,। जिससे नक्षत्र संज्ञा स्त्री -पुरुष एवं योग सूर्य -चंद्र। बनेगा। जिसके आधार पर वर्षा का वाहन खर अर्थात गधा होगा इस नक्षत्र में भी वर्षा का वाहन अधिपति मंगल होने से सामान्य वृष्टि के योग बन रहे हैं ।इस नक्षत्र में योगा- योग के आधार पर वर्षा का एक दौर फिर से शुरू होगा जिसमें अनेक स्थानों पर असामान्य वर्षा होगी इस वर्ष तक्षक नमक मेघ वारिस करा रहा है तथा मेघो का स्वामी चंद्रमा है रोहिणी का निवास संधि मे होने से वर्षा के वितरण व्यवस्था में बदलाव हुआ है जिससे अनेक क्षेत्रों में अति वारिश की स्थिति बन रही है यह नक्षत्र आगामी 13 सितंबर तक सक्रिय रहेगा ।
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