काव्य :
रक्षाबंधन
रक्षाबंधन है दिल का एहसास,
भाई बहन दोनों एक दूजे के खास,
11 महीने प्रतीक्षारत रहता यह मास ,
चारो ओर दिखे भाई-बहन उल्लास ।।
अगर होते वे एक दूजे से उदास,
यह दिन मिटाता भाई बहन त्रास ,
बहन को होता यह बहुत ही विश्वास ,
करेगा भाई उसके हर गम का नाश ।।
रूठी बहन मनाने करता भाई प्रयास,
टूटे दिलों का रिश्ता जुड़ जाता अनायास,
प्रेम डोर का होता इस दिन बहुत विकास ,
छट जाता इस दिन तमस रूपी आकाश ।।
बहन आगमन से आनंदित हो निवास ,
परिवार बगिया की खिल उठती है श्वास ,
फैले चारो और प्रफुल्लित उजास ,
भरता यह त्यौहार रिश्तो में मिठास ।।।
- नीता गुप्ता
रायपुर छत्तीसगढ़
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