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स्वान बंध्याकरण प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों को नगर निगम आयुक्त ने बताया निराधार



स्वान बंध्याकरण प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों को नगर निगम आयुक्त ने बताया निराधार
       
खंडवा। नगर निगम आयुक्त श्रीमती प्रियंका राजावत ने प्रेसवार्ता आयोजित कर बताया कि नगर पालिक निगम द्वारा वर्ष 2022 से स्वान बंध्याकरण केंद्र संचालित किया जा रहा है। यहां Animal Birth Control Rules, 2023 एवं शासन के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार स्वान बंध्याकरण एवं टीकाकरण की प्रक्रिया की जाती है। वर्ष 2022 से अब तक कुल 9,391 स्वानों का बंध्याकरण किया गया है तथा उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार प्रक्रिया में शून्य मृत्यु दर्ज हुई है। वर्षवार बंध्याकरण में वर्ष 2022 में 1,686, वर्ष 2023 में 440, वर्ष 2024 में 3,651, वर्ष 2025 में 2,387 तथा वर्ष 2026 में 1,623 स्वानों का बंध्याकरण किया गया है।

*ई-निविदा एवं मान्यता प्राप्त एजेंसी*

इस कार्य हेतु नगर निगम द्वारा ई-निविदा जारी की जाती है। निर्धारित पात्रता एवं एडब्लूबीआई से मान्यता प्राप्त एजेंसियां ही निविदा में भाग लेती हैं तथा पात्र निविदाकारों में न्यूनतम दर प्रस्तुत करने वाली एजेंसी को नियमानुसार कार्य सौंपा जाता है।

*विशेषज्ञों की निगरानी एवं चार दिन की देखभाल*

नगर निगम आयुक्त श्रीमती प्रियंका राजावत ने बताया कि डॉग स्क्वाड द्वारा स्वानों को विभिन्न क्षेत्रों से केंद्र पर लाया जाता है। बंध्याकरण विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की उपस्थिति में किया जाता है। डॉ. अक्षय निगम एवं डॉ. नवीन तिवारी, वरिष्ठ पशु चिकित्सा शल्यज्ञ, सहित अधिकृत वरिष्ठ पशु चिकित्सा शल्यज्ञ की विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध रहती हैं। ऑपरेशन के बाद स्वानों को लगभग चार दिन पोस्ट-ऑपरेटिव केयर में रखा जाता है तथा दोनों समय निर्धारित डाइट के अनुसार भोजन एवं आवश्यक देखभाल दी जाती है।

*अंगों की गिनती एवं नष्टीकरण भी निगरानी में*

नगर निगम आयुक्त श्रीमती प्रियंका राजावत ने बताया कि बंध्याकरण के दौरान स्वान के कान पर पहचान चिह्न लगाया जाता है। निकाले गए अंगों की पशु निगरानी समिति के समक्ष गिनती की जाती है तथा इंक लगाकर नष्टीकरण और निस्तारण की कार्रवाई की जाती है। यह प्रक्रिया अधिकृत वरिष्ठ पशु चिकित्सा शल्य, नगर निगम के जोन प्रभारी एवं पशु प्रेमी की उपस्थिति में संपन्न होती है। नगर निगम आयुक्त श्रीमती प्रियंका राजावत ने  अभिलेखों एवं संचालित प्रक्रिया के आधार पर स्पष्ट किया है कि स्वान बंध्याकरण एवं टीकाकरण को लेकर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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