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दशलक्षण पर्व के चौथे दिन 108 कलशों से मुनिसुव्रतनाथ भगवान का किया अभिषेक


दशलक्षण पर्व के चौथे दिन 108 कलशों से मुनिसुव्रतनाथ भगवान का किया अभिषेक

जैन धर्म के 9वें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंतनाथ स्वामी के मोक्ष कल्याणक पर चढ़ाया निर्वाण लाडू

छल-कपट को छोड़ शुचिता को धारण करना उत्तम शौच धर्म

अंताक्षरी में शिवानी चौधरी का प्रमाण सागर ग्रुप विजयी

जैन मिलन बहुमण्डल शाखा ने मंगलाचरण में दी भक्तिमय नृत्य की सुंदर प्रस्तुति

ललितपुर। सिद्ध क्षेत्र पावागिरि सहित तालबेहट के दोनों जैन मंदिरों में दशलक्षण महापर्व में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों एवं प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही हैं। कसबे के पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में पं. संतोष कुमार जैन शास्त्री अमृत के निर्देशन में अभिषेक-शांतिधारा की क्रियाएँ संपन्न की गयी। संतोष शास्त्री ने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए कहा पर्यूषण पर्व का चौथा दिन उत्तम शौच का होता है, जो हमें केवल बाह्य स्वच्छता नहीं अपितु लोभ और लालच से दूर रहकर आंतरिक पवित्रता एवं संतोष की प्रेरणा देता है। लोभ को पाप का बाप कहा जाता है। इसके कारण ही सभी कषाएँ जागृत होती हैं। हमें अपने जीवन में शुचिता को ग्रहण करना चाहिए। जैन धर्म के 9वें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत नाथ का मोक्ष कल्याणक महामहोत्सव मनाया गया।  वासुपूज्य दिगम्बर जैन मंदिर में बाल ब्रह्मचारिणी मानी दीदी झाँसी के निर्देशन मे108 कलशों से मुनिसुव्रतनाथ भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन किया गया। जिसमें सुशील मोदी, प्रदीप एड, प्रसन्न जैन, रोहित बबीना, देवेंद्र बसार, विकास भंडारी, वीरेंद्र जैन आदि ने प्रमुख भूमिका निभाई। भक्तामर एवं दशलक्षण महामंडल विधान के उपरांत जैन धर्म के 9वें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंतनाथ स्वामी के मोक्ष कल्याणक पर  हितेंद्र पवैया, अशोक जैन, राकेश सतभैया, अरविन्द भंडारी आदि ने निर्वाण लाडू चढ़ाया। पुष्पेंद्र विरधा ने मंगल आरती उतारी।  दोपहर की बेला में तत्वार्थ सूत्र का स्वाध्याय किया। श्रेष्ठी जनों ने आचार्य श्री का चित्र अनावरण कर ज्ञानदीप प्रज्वलित किया। जैन मिलन बहुमण्डल शाखा ने मंगलाचरण में भक्तिमय नृत्य की सुंदर प्रस्तुति दी। मानी दीदी ने कहा व्यक्ति के हृदय का आईना उसका चेहरा हुआ करता है, मायाचारी तिर्यंच गति के बंध का कारण है, सच्चा सुख सरलता में है। क्रोध, मान, माया और लोभ के चार-चार भेदों से 16 कषाय तथा नौ नोकषाय कुल 25 कषाय के स्वरूपों को समझते हुए उनसे ऊपर उठकर जीवन में समता को धारण करना होगा। जिससे भावों की परिणति सरल होगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत अंताक्षरी एवं समूह सक्रियता में शिवानी चौधरी का प्रमाण सागर ग्रुप विजयी रहा। आशी-अदिति का सुधासागर ग्रुप उपविजेता रहा। जबकि संध्या जैन के विद्यसागर ग्रुप, अर्चना जैन के समयसागर ग्रुप, रूबी चौधरी के क्षमा सागर ग्रुप ने भी सुंदर प्रस्तुति दी। विजयी ग्रुप के अंजेश गुन्देरा, वासु विरधा, पारस भंडारी, पवित्र जैन, श्रेया, एनी, आरोही, आन्या के साथ शिवानी चौधरी को पुरस्कृत किया गया। साथ में जैन भजन तम्बोला एवं फैंसी ड्रेस के प्रतिभागियों को जैन मिलन बहुमण्डल शाखा की संरक्षक अंजू सतभैया, अध्यक्ष अलका पवैया एवं महामंत्री शिखा मोदी ने पुरस्कार प्रदान किये। कार्यक्रम में सकल दिगंबर जैन समाज का सक्रिय सहयोग रहा। संचालन जैन मिलन के अध्यक्ष विशाल जैन पवा एवं अजय जैन ने किया। आभार व्यक्त मंदिर समिति के महामंत्री प्रवीन भंडारी एवं चक्रेश जैन ने किया।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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