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इटारसी में आठ माह से वार्ड 30 प्रतिनिधित्वविहीन,सरकार हाईकोर्ट जाने पर मजबूर न करे - रमेश के साहू एडवोकेट


इटारसी में आठ माह से वार्ड 30 प्रतिनिधित्वविहीन,सरकार हाईकोर्ट जाने पर मजबूर न करे - रमेश के साहू एडवोकेट

इटारसी। कांग्रेस नेता अधिवक्ता रमेश साहू ने नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 30 का उपचुनाव स्थगित किए जाने पर शासन और प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्षद स्वर्गीय धर्मदास मिहानी के निधन को लगभग आठ माह बीत चुके हैं, लेकिन वार्ड की जनता को अब तक नया निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं मिल पाया है। यह जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का गंभीर हनन है।

रमेश के साहू ने कहा, “मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 37 के अनुसार पार्षद का पद रिक्त होते ही शासन को राज्य निर्वाचन आयोग को तत्काल सूचित कर रिक्त पद भरने की प्रक्रिया प्रारंभ करनी चाहिए। संविधान के अनुच्छेद 243-ZA के अंतर्गत नगर पालिका चुनावों के संचालन की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग की है। इसके बावजूद आठ माह तक चुनाव नहीं कराया गया और अब घोषित उपचुनाव को भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। यह कानून की मंशा के विरुद्ध और शासन की घोर प्रशासनिक विफलता है।”

एडवोकेट साहू ने कहा कि कानून-व्यवस्था, बारिश और त्योहारों का हवाला देकर चुनाव टालना स्वीकार्य नहीं है। ये परिस्थितियां पहले से ज्ञात थीं और चुनाव कार्यक्रम घोषित करते समय प्रशासन को इनका आकलन करना चाहिए था। यदि प्रशासन एक वार्ड का चुनाव भी समय पर नहीं करा सकता, तो उसकी कार्यक्षमता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

कांग्रेस नेता अधिवक्ता रमेश साहू ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग तत्काल नई चुनाव तारीख घोषित नहीं करता है तो संविधान के अनुच्छेद 226 के अंतर्गत मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में रिट याचिका प्रस्तुत की जाएगी। न्यायालय से समयबद्ध उपचुनाव कराने, आठ माह की देरी की जांच कराने और इसके लिए जिम्मेदार शासन एवं निर्वाचन अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी द्वारा जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया में विलंब करने, कर्तव्य की उपेक्षा करने अथवा राजनीतिक दबाव में कार्य करने के प्रमाण सामने आते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कानून के अनुसार विभागीय कार्रवाई और मुकदमा दर्ज कराने की मांग भी की जाएगी।

रमेश साहू ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार को वार्ड क्रमांक 30 में हार का डर सता रहा है, इसलिए प्रशासनिक कारणों की आड़ लेकर चुनाव से बचने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, - लोकतंत्र में सरकार की सुविधा नहीं, जनता के प्रतिनिधित्व का अधिकार सर्वोपरि है। वार्ड 30 की जनता को अब अधिक समय तक निर्वाचित प्रतिनिधि से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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