मंदसौर में दशपुर साहित्य मंच का 'षष्ठम मालव श्री अलंकरण एवं हिंदी महोत्सव' संपन्न
देवास के कवि कुलदीप रंगीला मालव श्री अलंकरण से हुए सम्मानित
देश-प्रदेश के प्रतिष्ठित कवि साहित्यकारों लेखकों ने की सहभागिता
मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट
मंदसौर । साहित्य, संस्कृति और भाषाई चेतना को समर्पित 'दशपुर साहित्य मंच (मालव प्रांत)' एवं राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'षष्ठम मालव श्री अलंकरण समारोह एवं हिंदी महोत्सव' कुशाभाऊ ठाकरे प्रेक्षागृह में पूर्ण गरिमा, अनुशासन और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस एकदिवसीय साहित्यिक अनुष्ठान का मुख्य संकल्प "गोष्ठियाँ जीवंत रहें सदा" रहा।
इस अवसर पर वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित 'मालव श्री अलंकरण' देवास के वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार कुलदीप 'रंगीला' को प्रदान किया गया। उन्हें पारंपरिक माला, सम्मान-पत्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर अलंकृत किया गया।
समारोह के आधिकारिक शुभारंभ के पश्चात विभिन्न सत्रों में मंच पर साहित्य जगत के मूर्धन्य हस्ताक्षर विराजमान रहे।
शुभारम्भ सत्र में मुख्य अतिथि प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा (जबलपुर) के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी, वरिष्ठ कवि व विचारक राम वल्लभ गुप्त 'इन्दोरी' (इंदौर), वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राजेश रावल (उज्जैन), जन परिषद संस्था प्रांतीय सह सचिव एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ. घनश्याम बटवाल एवं बृजेश जोशी उपस्थित रहे।
विशेष अतिथियों के रूप में कवि अतुल ज्वाला (इंदौर), विजय विद्रोही (प्रतापगढ़), अजय हिंदुस्तानी (बेगू) एवं राजगोपाल मूमल (भीलवाड़ा) दिवाकर उपाध्याय नरेन्द्र भावसार नंदकिशोर राठौर राजेंद्र तिवारी मुकेश पोरवाल निडर सहित अन्य वरिष्ठ साहित्यकारों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
कार्यक्रम को संस्था के वटवृक्ष व मार्गदर्शक आशुकवि भेरू जी सुनार (मनासा), दादू जी प्रजापति, नरेंद्र व्यास एवं नरेंद्र त्रिवेदी का सानिध्य प्राप्त हुआ।
सभी कवियों ने पारंपरिक भारतीय परिधानों में अपनी मौलिक रचनाओं का पाठ किया।
मंच से मालवी गणेश स्तुति, सनातन चेतना की प्रस्तुतियाँ, दोहे और पैरोडी सहित एक से बढ़कर एक गीतों व गज़लों की सरिता बही, जिसने प्रेक्षागृह में प्रबुद्ध श्रोताओं को अंत तक बाँधे रखा।
प्रसिद्ध कलाकार कविराज राहुल राठौर द्वारा 18 दिनों की साधना से निर्मित माँ सरस्वती का भव्य बहुरंगी चित्र संस्था को समर्पित किया गया। वहीं कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भगवान पशुपतिनाथ की 'लाइव पेंटिंग' बनाकर सभी को सम्मोहित कर दिया
महोत्सव के दौरान जबलपुर के कवि संगम त्रिपाठी एवं पुलकित नागर की नवीन कृतियों का गरिमामय विमोचन मंच से संपन्न हुआ। साथ ही उत्कृष्ट अध्यापन व साहित्य सेवा के लिए शिक्षक सम्मान एवं नन्हीं प्रतिभावान बालिकाओं का अभिनंदन भी किया गया। अंचल की दिवंगत साहित्यिक धरोहरों को मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस मौके पर रचनाकारों कवियों साहित्यकारों को अतिथियों द्वारा शब्द शिल्प सम्मान और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया
अंकित म्यूजिकल ग्रुप के सुमधुर संगीत, बसेर साउंड की सुघड़ ध्वनि व्यवस्था सुनिश्चित की
दशपुर साहित्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष कवि मोहित गोस्वामी ने पूरे आयोजन की सफलता का श्रेय 'मास्टर टीम' के सुनील वैष्णव, योगेश शर्मा, चेतन कृष्ण शास्त्री, विकास सेन, डीजे सिंह, दिव्यांश जैन, पुलकित नागर, अंकित सोनी एवं यशवंत पाटीदार सहित पूरी मालव प्रांत टीम के समर्पित कार्यकर्ताओं, कुमकुम स्टूडियो (खजुरिया सारंग) एवं सहभागी संस्थाओं को दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र व स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष कवि मोहित गोस्वामी ने सभी आगंतुकों, श्रोताओं एवं मीडिया जगत का आभार व्यक्त करते हुए 'सप्तम अलंकरण यात्रा' के संकल्प के साथ समारोह के समापन की घोषणा की।
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