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आशीष कुमार शर्मा के नए गीत जय भारतम् - वंदे मातरम् का चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में हुआ विमोचन


आशीष कुमार शर्मा के नए गीत जय भारतम् - वंदे मातरम् का चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में हुआ विमोचन

चंडीगढ़ । प्रसिद्ध कवि, लेखक एवं गायक आशीष कुमार शर्मा के नए देशभक्ति गीत ‘जय भारतम् - वंदे मातरम्’ के विमोचन का भव्य आयोजन चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा किया गया। यह भव्य आयोजन श्री सतनाम सिंह संधू - एम.पी. राज्यसभा एवं चांसलर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के सानिध्य में हुआ। यूनिवर्सिटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मानव संसाधन डॉ. नवजोत सिंह मिगलानी ने आयोजन की अध्यक्षता की। हिन्दी दिवस को मनाते हुए देश भक्ति से ओतप्रोत इस गीत को रिलीज़ किया गया। आशीष शर्मा, डॉ. नवजोत सिंह मिगलानी, डॉ.हिताक्शी दत्ता, सिंगर ASL BBOY, राजेश कौशिक, विनोद शर्मा एवं कर्मिंदर भारती ने ज्योति प्रज्ज्वलित की। 

‘जय भारतम् - वंदे मातरम्’ गीत को रिलीज़ के पश्चात चलाया गया जिसे श्रोताओं ने बहुत सराहा। यह गीत देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत है और सशक्त भारत का चित्रण करता है। इस गीत के माध्यम से आशीष ने कहा है कि भारत को आत्मनिर्भर और विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता है क्योंकि भारत में अपार क्षमता है। यह गीत साहित्य सम्राट श्री बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को समर्पित किया गया है। इस गीत को आशीष कुमार शर्मा ने लिखा और गाया है। गीत का म्यूज़िक एक्सल म्यूज़िक ने दिया है। यह गीत आशीष की धर्मपत्नी योगिता शर्मा और आर्मोनिया म्यूज़िको रिकॉर्ड लेबल ने प्रोड्यूस किया है। कार्यक्रम में आशीष शर्मा ने अपना गीत ‘सुस्वागतम्’ एवं ग़ज़ल ‘तुम आए तो बहार है आई गा कर सभी का दिल जीत लिया।

अपनी सशक्त लेखनी, गहरी संवेदनाओं और मधुर गायन शैली के लिए पहचाने जाने वाले आशीष शर्मा आज समकालीन साहित्य एवं गायन जगत का एक प्रतिष्ठित नाम बन चुके हैं। आशीष और उनकी पत्नी पिछले कई तेरह वर्षों से इंडोनेशिया में रह रहे हैं। यह कवि दम्पति एल.पी.जी.आई. साहित्य एसोसिएशन (रजि.) के संस्थापक हैं। यह संस्था साहित्य एवं हिन्दी के प्रचार एवं प्रसार के लिए पिछले कई वर्षों से सक्रिय कार्य कर रही है। आशीष शर्मा का रचनात्मक सफर निरंतर उपलब्धियों से भरा रहा है। बतौर कवि और लेखक उन्होंने अनेक सराहनीय रचनाएँ दी हैं, जिन्हें देश-विदेश के साहित्य प्रेमियों द्वारा खूब सराहा गया है। वहीं एक गायक के रूप में उनकी प्रस्तुतियाँ भावनाओं की गहराई और आत्मा को छू लेने वाली अभिव्यक्ति के लिए जाने जाते हैं। उनकी कला में शब्द और सुर का जो अद्भुत संगम देखने को मिलता है, वही उन्हें भीड़ से अलग पहचान दिलाता है। इससे पहले भी उनका म्यूज़िक एल्बम ‘माई वर्ल्ड ऑफ ड्रीम्स’ प्रसिद्ध म्यूज़िक पटल शीमैरू पंजाबी पर रिलीज़ हो चुका है। आशीष और उनकी पत्नी योगिता की चार काव्य पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। आशीष ने चार साँझा काव्य पुस्तकों का संपादन भी किया है। आशीष के नाम पर्यावरण पर 100 दिन में 100 कविताएँ लिखने का विश्व रिकॉर्ड भी है जो उन्हें WBR UK द्वारा दिया गया है। आशीष इंडियन एक्सपेट्रिएट्स एसोसिएशन मेदान, इंडोनेशिया के प्रेसिडेंट भी हैं।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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