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अखिल भारतीय साहित्य परिषद मंदसौर इकाई ने हिंदी दिवस काव्य गोष्ठी का आयोजन किया


अखिल भारतीय साहित्य परिषद मंदसौर इकाई ने हिंदी दिवस काव्य गोष्ठी का आयोजन किया

मंदसौर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद मंदसौर इकाई द्वारा हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य काव्य गोष्ठी का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक नरेंद्र सिंह शिपानी ने की। समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार प्रमोद रामावत (नीमच) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि डॉ. प्रकाश उपाध्याय एवं शायर फजल हयात (जावरा) ने विशेष अतिथि के रूप में मंच की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम में पंडित देवेश्वर जोशी, डॉ. उर्मिला तोमर, नरेंद्र सिंह राणावत, डॉ. रवींद्र सोहनी, इंजीनियर दिलीप जोशी, विजय अग्निहोत्री, प्रकाश कल्याणी, मनी शामगढ़वाला, बंसीलाल टाक, अजीजुल्लाह खान, नरेंद्र भावसार, नंदकिशोर राठौर, नरेंद्र त्रिवेदी, अजय डांगी तथा चंदा डांगी सहित अनेक गणमान्य प्रबुद्धजन एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।
समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात हेमा भावसार ने मधुर स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की एवं नंदकिशोर राठौड़ ने परिषद गीत ‘भारती की लोकमंगल साधना साकार हो’ का गायन किया।
मुख्य अतिथि प्रमोद रामावत ने हिंदी भाषा और हिंदुस्तान के सामाजिक सामंजस्य को रेखांकित करते हुए ‘मुझको यही जमीन यही आसमान मिले, मरकर दोबारा आऊं तो हिंदी जबान मिले...’ मुक्तक के साथ अपनी काव्य प्रस्तुति की शुरुआत की। उन्होंने अपनी गजलों, शेरों और दोहों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जावरा से पधारे डॉ. प्रकाश उपाध्याय ने राग मालकंस पर आधारित गीत ‘राम नाम लिखता हूं, राम नाम गाता हूं’ अत्यंत मधुर शैली में सुनाकर भूरि-भूरि प्रशंसा बटोरी। वहीं, जावरा के शायर फजल हयात ने ‘हिंदी ने लहू अपना उर्दू को पिलाया है, यह एक जबान है जिसे दो माताओं ने पाला है’ जैसे अर्थपूर्ण शेरों और गजलों से महफिल में समां बांध दिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन नरेंद्र त्रिवेदी ने किया तथा अंत में सभी उपस्थित जनों का आभार प्रदर्शन नरेंद्र भावसार द्वारा किया गया।

नंदकिशोर राठौर
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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