मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी निदेशक डॉ विकास दवे की पुनर्नियुक्ति - साहित्य और सांस्कृतिक क्षेत्रों में हर्ष की लहर
मंदसौर से वरिष्ठ पत्रकार डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट
मंदसौर । गत दिनों राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के वर्तमान दायित्व निर्वहन कर रहे निदेशक वरिष्ठ साहित्यकार एवं लेखक डॉ विकास दवे के कार्यकाल में आगामी दो वर्षों की वृद्धि करते हुए पुनर्नियुक्ति की है इस मामले में मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा आदेश जारी किया गया है ।
इस सूचना से प्रदेश भर के साहित्यकारों लेखकों पत्रकारों कवियों और कला व संस्कृति से जुड़े संगठनों और महानुभावों में हर्ष व्याप्त है । पहली प्रतिक्रिया में राज्य सरकार के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि जो वातावरण साहित्य और सांस्कृतिक क्षेत्रों में विगत वर्षों में नवाचार किए गए उसके अच्छे परिणाम मिलेंगे और साहित्यिक सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी ।
दशपुर वैभव संगम सचिव, जन परिषद संस्था प्रांतीय सह सचिव एवं वरिष्ठ पत्रकार संपादक डॉ घनश्याम बटवाल ने कहा कि विश्वास और सफलता के हर मानक पर खरे उतरते हुए डॉ विकास दवे का मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक पद पर पुनः मनोनीत होना केवल उनका सम्मान नहीं बल्कि संपूर्ण हिन्दी साहित्य जगत और मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक चेतना का सम्मान है।
अखिल भारतीय साहित्य परिषद मंदसौर जिला इकाई अध्यक्ष श्री नरेंद्र भावसार सचिव नंदकिशोर राठौर ने कहा कि अकादमी को एक नई पहचान भव्यता और जीवंतता देने वाले डॉ दवे साहित्य-मनीषी को मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के पुनः निदेशक बनने पर हार्दिक बधाई अशेष शुभकामनाएं ।
मंदसौर जिले की हिन्दी साहित्य सम्मेलन इकाई अध्यक्ष श्री वेद मिश्रा सचिव श्री जयेश नागर प्रांतीय प्रतिनिधि श्री ब्रजेश जोशी ने बताया कि विगत दो दशकों में मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी ने विकास और सृजन की जो यात्रा तय की है वह न केवल अद्भुत है बल्कि अभूतपूर्व भी है। बीते वर्षों 1999 की शिथिलता और सीमित संसाधनों से जूझती अकादमी आज जिस सुगठित जीवंत और ऊर्जावान रूप में हमारे सामने खड़ी है उसका सीधा श्रेय डॉ विकास दवे को जाता है ।
मंदसौर के पुरातत्व विद्वान एवं इतिहासकार श्री कैलाश चन्द्र पाण्डेय, वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार डॉ घनश्याम बटवाल ने बताया कि जब साहित्यिक संस्थाएं स्वयं वित्तीय और संगठनात्मक संकट से जूझ रही हों तब हिन्दी साहित्य को समृद्ध बनाने के लिए दूरगामी योजनाएं कैसे बनें और जमीनी स्तर पर कैसे उतरे इस दिशा में दूरदर्शिता और समन्वय करते हुए निदेशक डॉ विकास दवे ने कार्य योजना बनाई और उन्हें धरातल पर उतारा उसके अच्छे परिणाम सामने आए और लिखने पढ़ने वाले सुधिजनों को विश्वास भी मिला और मंच भी। साथ ही प्रदेश ही नहीं अन्य प्रांतों में सम्मान भी प्राप्त हुआ ।
निदेशक डॉ विकास दवे ने स्वयं पहल कर साहित्य परिषद को समाज से जोड़ने में महती भूमिका निभाई और मंदसौर नीमच सहित प्रदेश भर में अंचल की दिवंगत विभूतियों को याद करते हुए स्मृति उत्सव मनाए ओर स्थानीय साहित्यकारों लेखकों पत्रकारों कवियों को मंच प्रदान किया ।
पूर्व वरिष्ठ विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया जन परिषद मंदसौर चैप्टर सचिव एवं टैलेंट ग्रुप सूत्रधार श्री नरेंद्र त्रिवेदी, कवि मुन्ना बैटरी लेखक हरीश दवे फोटोजर्नलिस्ट पंकज परमार ज्योति नवहाल शिक्षाविद अजीजुल्लाह ख़ालिद गायत्री प्रसाद शर्मा लोकेश पालीवाल दिलीप जोशी सुनील व्यास कन्हैया लाल सोनगरा राव विजय सिंह प्रदीप भाटी ओमप्रकाश दवे डॉ उर्मिला तोमर बालकृष्ण दवे राजेंद्र तिवारी मुकेश पोरवाल निडर गोपाल बैरागी राजा राम तंवर अशोक त्रिपाठी विक्रम विद्यार्थी संजय भारती मनीष मनी श्यामगढ़ डॉ देवेंद्र पुराणिक प्रद्युम्न शर्मा अरविन्द संघवी नरेंद्र अग्रवाल अजय तिवारी राजीव शर्मा अजय सिखवाल महेश शर्मा चंदा अजय डांगी बाबूलाल नागर सतीश नागर गोविन्द नागर अर्चना दवे मुकेश नागर नीमच के श्री भानु दवे फोटोजर्नलिस्ट दिलीप दुबे वरिष्ठ पत्रकार संपादक सुरेन्द्र सेठी श्री मुकेश सहारिया श्री ओमप्रकाश चौधरी लेखिका प्रेरणा ठाकरे किशोर जवेरिया शैलेश जोशी मल्हारगढ़ के श्री ओमप्रकाश बटवाल श्री अशोक दक डॉ विष्णु सेन कछावा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मदनलाल राठौर श्री गोविंद नागर सतीश नागर मुकेश नागर सहित अन्य वरिष्ठ गणमान्य जनों ने डॉ विकास दवे को बधाई और शुभकामनाएं दी ओर आशा जताई है कि साहित्य परिषद के माध्यम से नई ऊंचाई प्राप्त होगी और नव सृजन होगा । साथ ही साहित्य मंडल में नई पौध को मंच प्राप्त होगा ।
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साहित्यिक समाचार
