श्रीमती कला सिंह राजपूत का विदाई समारोह संपन्न : भारतीय समाज में शिक्षक का स्थान सर्वोच्च- आचार्य महेश
बच्चों की शिक्षा और संस्कार में कला सिंह का योगदान अतुल्य- श्रीमंत सुरेश जैन
सागर । मातोश्री अकादमी द्वारा संचालित रेनबो पब्लिक स्कूल की प्राचार्य श्रीमती कला सिंह राजपूत पति डॉक्टर दिवाकर सिंह राजपूत कुलपति जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर का विदाई समारोह श्रीमंत सेठ सुरेश जैन की अध्यक्षता अखिल भारतीय साहित्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य पंडित महेश जगन्नाथ प्रसाद त्रिपाठी के मुख्य आतिथ्य एवं डायरेक्टर श्रीमती रश्मि जैन, श्री सिद्धार्थ जैन के विशिष्ट आतिथ्य में मा सरस्वती पूजा अर्चना से दीप जलाकर प्रारंभ किया गया। श्रीमान सुरेश जैन ने कहा कि वह जो विश्व को बदलने की सामर्थ रखता है वह शिक्षक आत्मबोध के माध्यम से विद्यालय में आत्मीय वातावरण का निर्माण कर संस्कारी शिक्षा देता है पंडित महेश जगन्नाथ प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि गीता का मुख्य विषय है कर्म करो फल की इच्छा मत करो एक शिक्षक निष्काम कर्म योगी की तरह बच्चों बच्चियों को शिक्षित दीक्षित करता है साहित्यकार त्रिपाठी ने तेजस्वी कविताएं सुनाते हुए श्रीमती कला सिंह राजपूत के व्यक्तित्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह एक सफल प्राचार्य शिक्षक है जो अब सागर के बाद ग्वालियर में शिक्षा की अलख जगएगी। स्कूल की डायरेक्टर रश्मि जैन ने श्री मति कला सिंह राजपूत को शाल श्रीफल मोती माला स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए कहा कि 15 वर्ष के कार्यकाल में श्री मति कला सिंह ने स्कूल में पारिवारिक वातावरण बनाकर सब स्टाफ और बच्चों का मन जीत लिया है छत्तीसगढ़ कवर्धा की छात्रा आस्था राजपूत ने प्राचार्य श्रीमती कला सिंह की वर्षों पुराने चल चित्रों का कोलेज भेंट किया संचालन भाग्यश्री लोकराज एवं आभार सिद्धार्थ जैन ने माना इस अवसर पर विद्यालय की छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी एवं शिक्षक शिक्षिकाएं ने सम्मान किया |
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