नक्षत्र ज्योतिषाचार्य पं. मनोज दीक्षित प्रतिष्ठित‘काशी ज्योतिष मार्तंड अवार्ड’ से सम्मानित
वाराणसी । बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान स्थित के.एन. उडप्पा ऑडिटोरियम में आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी 'काशी ज्योतिष महोत्सव (Ayurjyotish - 2026)' में जाने-माने नक्षत्र ज्योतिषाचार्य, वास्तुविद एवं मैनेजमेंट कंसल्टेंट पं. मनोज दीक्षित को ज्योतिष एवं आयुर्वेद के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट शोध व विशिष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘काशी ज्योतिष मार्तंड अवार्ड’ से अलंकृत किया गया.
उल्लेखनीय
है की पं मनोज दीक्षित इटारसी नगर की आध्यात्मिक एवं शास्त्रीय संगीत की विभूति पं
बृजमोहन दीक्षित के बड़े सुपुत्र है एवं वर्तमान शासकीय सांदीपनी उच्चतर माध्यमिक
विद्यालय इटारसी एवं एमजीएम कालेज के पूर्व छात्र है।
यह
अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी दिनांक 1
एवं 2 सितंबर 2026 को काशी हिंदू विश्वविद्यालय
(आयुर्वेद संकाय के द्रव्यगुण विभाग) तथा वेद, ज्योतिष, कर्मकाण्ड, शिक्षा एवं गो-सेवा संस्थान (काशी ज्योतिष
संस्थान) के संयुक्त तत्वावधान में सफलतापूर्वक संपन्न हुई.
आयुर्वेद और ज्योतिष के समन्वय पर प्रस्तुत
किया गया शोध पत्र
सम्मेलन के
दौरान पं. मनोज दीक्षित ने
"आयुर्ज्योतिष: 27 नक्षत्र, त्रिदोष संतुलन एवं चिकित्सा
विज्ञान (देह-मानस मानचित्रण, रोग-निदान और कालगणना का शास्त्रीय
दृष्टिकोण)"
विषय पर अपना
उच्च-स्तरीय शोध पत्र प्रस्तुत किया. उनके
शोध में इस बात पर विशेष प्रकाश डाला गया कि किस प्रकार लग्न-नक्षत्र (शरीर का 'हार्डवेयर') और चंद्र-नक्षत्र (शरीर का 'सॉफ्टवेयर') मनुष्य के शारीरिक ढांचे, मानसिक प्रवृत्तियों और त्रिदोष
(वात,
पित्त, कफ) संतुलन को नियंत्रित करते हैं. प्राचीन वैदिक संहिताओं और आधुनिक
चिकित्सा विज्ञान के इस अनूठे समन्वय की विद्वान परिषद् द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा
की गई।
विश्वविद्यालय के दिग्गजों द्वारा प्रदान किया
गया सम्मान
यह गौरवशाली
सम्मान काशी हिंदू विश्वविद्यालय के आयुर्वेद संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. के.एन. मूर्ति, आयुर्वेद संकाय (IMS BHU) के निदेशक प्रो. एस.एन. संखवार, प्रख्यात
ज्योतिषी डॉ. एन. के. रावत तथा विभाग अध्यक्ष एवं आयोजन
चेयरमैन
प्रो. अनिल
कुमार सिंह
के कर-कमलों
द्वारा प्रदान किया गया. इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से पधारे अनेक वरिष्ठ
वैद्य,
ज्योतिर्विद, शोधार्थी एवं गणमान्य लोग उपस्थित
रहे.
इस
राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि पर इष्ट-मित्रों, शुभचिंतकों और बौद्धिक जगत के प्रतिष्ठित जनों
ने पं. मनोज दीक्षित को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
