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परिश्रम का बीज - महेश कुमार हरियाणवी महेन्द्रगढ़


 

परिश्रम का बीज


मेहनत हर ईमान की

यूँ ऐसे रंग लाएगी।

व्यर्थ में सूखे बीज से

भी हरितक्रांति आएगी


सोच-खोज कब कौन चला

नियमित पथ हर रोज ढला

जिंदा आग जला के देख

मरके तो हर मुर्दा जला।


धुँआ बन जब नीर उड़े

प्यास तभी बुझ पाएगी

व्यर्थ में सूखे बीज से

भी हरितक्रांति आएगी

            

है धूप उजाला साया का

सच संगत की काया का

तू इसमें हाथ भिगोता जा

श्रम के बीज यूँ बोते जा


लालच की है चाह बुरी

संग बारिश बह जाएगी

व्यर्थ में सूखे बीज से

ही हरितक्रांति आएगी।


-महेश कुमार हरियाणवी 

 महेन्द्रगढ़

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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