पीएलवी नारायण फरकले ने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम की दी जानकारी
स्वयं सहायता समूहों को मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के बारे में बताया
खंडवा।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में आज देश आगे बढ़ रहा है। आज हर क्षेत्र में महिलाओं के लिए कार्य के अवसर प्रदान किए गए हैं। लेकिन कार्य के दौरान महिलाओं को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। और इन सभी समस्याओं से डटकर मुकाबला करने के लिए आपको अपने हक अधिकारों की जानकारी होना आवश्यक है। यह बात पैरालीगल वालंटियर नारायण फरकले ने बैडियाव पंचायत भवन में आयोजित शिविर में कही। यह शिविर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष, प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमती ममता जैन के निर्देशानुसार एवं सचिव एवं जिला न्यायाधीश श्री सूरज सिंह राठौड़ एवं विधिक सहायता अधिकारी सुश्री अनुपमा मुजाल्दे के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
नारी परिवार की धुरी है
महिला दो कुलो का नाम रोशन करती है। आज के समय में महिलाओं को शिक्षित एवं जागरूक होना आवश्यक है। नारायण फरकले ने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, बाल-विवाह, घरेलू हिंसा, मानसिक हिंसा शारीरिक हिंसा बालकों का संरक्षण अधिनियम, चाईल्ड लाइन, डायल 100, माता पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण अधिनियम आदि की जानकारी दी। इस अवसर पर ग्राम के सरपंच श्रीमती मीरा बाई आनंद राम पारे, सचिव दिनेश सराठे, रतन सिंधे, शिव नागपुरे, प्रकाश, मुकेश, ज्योति, सुमन सहित स्वयं सहायता समूह, महाकाल जय श्री गणेश, महालक्ष्मी, सांई कृपा, राधे राधे, पशुपतिनाथ,शिवाय, महाकालेश्वर, मां नर्मदा आदि समुह की महिलाएं एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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