अर्श को कैसे स्पर्श करेगी स्पर्श
अपने गृह नगर इटारसी में हाल ही में चर्चा में आई है। स्पर्श चौधरी मुंबई आईआईटी ग्रैजूइट है, ग्रेजुएशन के बाद यूपीएससी परीक्षा में सफल होने के संघर्ष में कुछ साल खपाए और भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ एडवोकेसी भी की। और इन दिनों अपने जैसी लगभग 300 महिलाओं के साथ दिरा गांधी फेलोशिप कर रही है।
स्पर्श बहुत शार्प और इंटेलीजेन्ट है, इसलिए उसके पास बहुत सारे विचार हैं,बातें हैं और सपने हैं जो उसे एक ऊंचाई पर ले जाने के साधन हैं।
स्पर्श से जब कुछ देर बातें की (यूट्यूब साक्षात्कार लिंक https://youtu.be/iASrgCKben8?si=CzwUwzo6Ho48o_6n) तो उसकी बातों में युवाओं वाले उत्साह कूट कूट कर भरा हुआ तो दिखता था साथ ही उसमें देश की विभिन्न स्थितियों और परिस्थितियों के प्रति समझ भी दिखाई दी। संभव है कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान उसने देश और विदेश को विषय के रूप में खूब पढ़ा होगा और तात्कालिक विषयों का अध्ययन करना भी इसमें शामिल रहा होगा।
बहरहाल देश को ऐसे युवाओं की बहुत जरूरत है जिन्होंने अच्छा पढ़ा हो और देश के लिए बेहतर दूरगामी परिणाम हासिल करने की सोच भी हो।
इंदिरा गांधी फेलोशिप एक राजनीतिक पार्टी काँग्रेस के द्वारा महिलाओं के लिए उन्हें परिपक्व सोच के साथ खड़ा करने के लिए लाई गई शायद पहली फेलोशिप है जिसे आज देश भर की लगभग 300 महिलायें कर रही हैं।
स्पर्श चौधरी के साथ हुई बातों में उसका रुझान काँग्रेस की विचारधारा से जोड़ता है। लेकिन उसने बतौर कार्यकर्ता काँग्रेस की सदस्यता ग्रहण नहीं की है। जहां राजनीति में प्रवेश करने वाले अधिकांश युवा पार्टी की गतिविधियों के साथ जुड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं और जिन्हें कोई रोजगार मिल जाता है या कोई मुनासिब नौकरी मिल जाती है उनकी राजनीति में शिथिलता या जाती है या विराम लग जाता है। हमारे देश में जहां राजनीति शास्त्र की पढ़ाई कर चुके बहुत काम राजनीति में दिखाई देते हैं वहाँ स्पर्श इसके आगे काँग्रेस की विचारधारा और अपनी पढ़ाई के सहारे कैसे राजनीति के अर्श को स्पर्श कर पाएगी ये भविष्य ही बताएगा।
इंजीनियर बी बी आर गांधी
इटारसी
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