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भारत रत्न स्वतंत्रता सेनानी मोरारजी रणछोड़ देसाई - उषा सक्सेना भोपालl

 


29फरवरी लीप डे 

भारत रत्न स्वतंत्रता सेनानी मोरारजी रणछोड़ देसाई

        लीप डे चार वर्ष में एक बार आने वालि सबसै महत्वपूर्ण दिनऔर इन चार वर्षों में एक बार आपना जन्म दिन मनाने वाले सबसे भाग्यशाली एकमात्र मोरारजी देसाई जिनका जन्म 29फरवरी 1896 में बुलसर जिला के भदेली गांव में जो कि उस समय बाम्बे प्रेसीडेंसी ब्रिटिश भारत जो वर्तमान में वलसाड जिला गुजरात में है ।उनके पिता जी रणछोड़ नागर जी देसाई तथा माता जी का नाम वाजियाबेन देसाई था ।पिता जी एक स्कूल में शिक्षक थे । अपनी शिक्षा पूर्ण करने के बाद जब वह डिप्टी कलेक्टर पद पर गोधरा में थे तो उस समय सन् 1927-28 में हिंदुओं के प्रति नरम रुख अपनाने के कारण ब्रिटिश सरकार ने उन्हें 1930 में डिप्टी कलेक्टर पद से बर्खास्त कर दिया ।जिसके बाद वह महत्मा गांधी के साथ स्वतंत्रता आन्दोलन में उनके सहयोगी बनकर अनेक बार जेल गये । इस तरह वह एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और कुशल राजनीतिज्ञ थे । भारत की आजादी के बाद वह नेहरू सरकार में वित्त मंत्री पद पर रहे  ।नेहरूजी की मृत्यु 27मई 1965 के बाद 1965 में द्वितीय प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री जी बने।उनकी पाकिस्तान के साथ समझौते के समय ही 11जनवरी1966 में ताशकंद में अचानक हुई मृत्यु के बाद प्रधानमंत्री पद के प्रमुख दावेदार 

मोरारजी देसाई थे, किंतु उस समय इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्हें उप प्रधानमंत्री मंत्री बनाया गया ।सरदार वल्लभ भाई पटेल के बाद वह दूसरे व्यक्ति थे जो इस पद पर आसीन हुये ।1969में कांग्रेस में उभरे अनेक मतभेदों के कारण कांग्रेस दो भागों में बंट गई ।एक का नाम इंदिरा कांग्रेस दूसरी संगठन कांग्रेस ।संगठन कांग्रेस के अध्यक्ष नीलम संजीव रेड्डी थे ।जब कि इंदिरा कांग्रेस के कामराज । 1971 में हुई इंदि गांधी के चुनाव के समय हुई आंतरिक गड़बड़ी के कारण जब कोर्ट ने उनका चुनाव रद्द कर उन्हें 6वर्ष के लिये प्रतिबंधित कर दिया तो उन्होंने 1975 में अनुच्छेद 357 के तहत देश में आपातकाल घोषित कर दिया ।उस समय फखरूद्दीन अली अहमद राष्ट्रपति थे । यह आपात काल देश के लिये सबसे दुर्भाग्यपूर्ण था ।इसमें सभी विपक्ष के नेताओं और कार्यकर्ताओं को ढूंढ़कर जेल मे ठूंसा ग गया । जयप्रकाश नारायण उस समय लोक नायक बनकर उभर कर आये उनको यातनयें दी गई। आपात काल की अवधि समाप्त होते ही सभी विपक्षी दलों ने लोक नायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में गठबंधन कर जनता पार्टी बनाई । देश में पहली बार कांग्रेस हारी । जनता दल ने1977 का चुनाव भारी बहुमत से जीतने के बाद जनता दल की सरकार बनी मोरार जी देसाई देश के चौथे प्रधानमंत्री बनें और नीलम संजीव रेड्डी राष्ट्रपति जो कि 25जुलाई 1977से 25जुलाई 1982तक राष्ट्रपति रहे । मोरारजी देसाई ने 25मार्च 1977 से  28जुलाई 1979 तक प्रधानमंत्री पद पर रह‌कर कार्य किया ।इस तरह अपने पद पर रहकर उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय  स्तरपर शांति स्थापित करने के लिये  बहुत से महत्व पूर्ण कार्य किये‌। पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंध बनाकर मैत्री सम्बन्ध स्थापित किया ।उनके इस कार्य की सराहना करते हुये पाकिस्तान ने उन्हें अपने यहां के सर्वोच्च सम्मान से विभूषित करते हुये उन्हें *निशान-ए-पाकिस्तान* के खिताब से नवाजा ।बाद में भारत सरकार ने उनकी सेवाओं को देखते हुये उन्हें वर्ष 1991 में भारत सरकार ने

*भारत रत्न *जैसे देश के सबसे बड़े सम्मान से विभूषित किया ।वर्ष 1979 मेंप्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उन्होंने राजनीति से सन्यास ले लिया । अंत में 10 अप्रैल 1995 मैं 99वर्ष की  आयु पूर्ण कर उनका निधन होगया ‌।गुजरात का वह  सूर्य जो 1896 में उदित हुआ था ।1995 में अस्त होगया । उनका सम्पूर्ण जीवन सादगी पूर्ण था ।वह एक आदर्श व्यक्ति थे जिन्होंने अपने सिद्धांतों से पृथक होकर परिस्थितियों से कभी समझौता नही किया ।

उषा सक्सेना

भोपाल

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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