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सकारात्मकता को गतिमान करने में कथाकार और पत्रकार दोनों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी - अंर्तराष्ट्रीय मानस प्रवक्ता आचार्य श्री रामानुज जी


 सकारात्मकता को गतिमान करने में कथाकार और पत्रकार दोनों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी - अंर्तराष्ट्रीय मानस प्रवक्ता आचार्य श्री रामानुज जी  

 मंदसौर में 9 दिवसीय रामकथा करेंगे

मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट

मंदसौर । नकारात्मकता तो चारो तरफ है लेकिन इसमे सकारात्मकता को ढूंढ़ कर गतिमान करे तो हमारा समाज बहुत उन्नति करेगा। कथाकार और पत्रकार दोनों यात्री है एक सवाल लेकर चलता है और दूसरा उत्तर लेकर  मुक्ति पा लेता है। 

यह बात अंतरराष्ट्रीय मानस प्रवक्ता आचार्य श्री रामानुजजी ( राजकोट ) ने मंदसौर के रुद्राक्ष माहेश्वरी भवन सभागृह में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही। आप मंदसौर में 4 जनवरी से 12 जनवरी तक रामकथा करेंगे ।

 पत्रकारों से चर्चा करते हुए आचार्य श्री रामानुज जी ने कहा कि पहली बार जब 26 वर्ष पूर्व मन्दसौर आया था रुद्राक्ष माहेश्वरी धर्मशाला के इसी परिसर में शतचंडी यज्ञ हुआ था उसमे हर दिन धर्मसभा होती थी तब गरीब कन्याओं के विवाह का संकल्प आया था जो आज पूरा हो रहा है। अभी की रामकथा उसी संकल्प की पुनरावृत्ति है। 

आचार्य श्री ने कहा कि  जिंदगी भी  कभी संवाद के राजमार्ग पर सरपट दौड़ती है तो मुस्कराती है लेकिन वही जिंदगी विवाद की भवाटरी में अटक जाए तो खो जाती है।  लेकिन यह सच्चाई है कि चाहे कितना भी विवाद कर लो लेकिन अंत मे सत्य अवश्य मुस्कराता है। 

आचार्य श्री ने एक प्रश्न के जवाब में आने कहा युवा सफलता के लिए दौड़ रहे हैं लेकिन जीवन मे सफल वही है जिसने जीवन को सार्थक किया है। सफलता और सार्थकता दोनों एक दूसरे से जुड़े हैं। सफलता वह नही है जो युवा मोबाइल पर एक के बाद एक स्क्रोल करके समझता है। सफलता वह है कि आपने अपने जीवन मे जो लक्ष्य बनाया है उसे प्राप्त कर ले तो वह जीवन सफल भी माना जायेगा और सार्थक भी।  आचार्य श्री ने कहा कि जिन युवाओ के कांधे पर निर्माण की जिम्मेदारी है उन्हें जब सड़क पर फालतू घूमते हुए देखता हूं तो वेदना होती है। आचार्य श्री ने एक और प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि व्यासपीठ की अपनी एक मर्यादा होती है उस पर बैठने के बाद कोई अपना और पराया नहीं होता। व्यासपीठ के लिए सब समान है। आपने कहा कि पुनीत संकल्प के साथ रामकथा हो रही है। अंचल के अधिकाधिक संख्या में इसमे सम्मिलित हो। 

प्रारंभ में श्री हरिकथा आयोजन समिति के अध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल ने आचार्य श्री का स्वागत करते हुए स्वागत उदबोधन दिया और 9 दिवसीय रामकथा के आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। आपने कहा कि शनिवार 4 जनवरी को दोपहर 12.30 बजे तलाई वाले बालाजी मंदिर से कलश यात्रा प्रारंभ होगी जो नगर के मुख्य मार्गो से होती हुई रुद्राक्ष माहेश्वरी भवन पहुँचेगी । यहां व्यासपीठ पर विराजित होकर आचार्य श्री रामानुजजी रामकथा का रसपान कराएंगे। पूरे रास्ते भर कलश यात्रा का भव्य स्वागत होगा इसके लिए 100 से ज्यादा स्वागत मंच बनाये जा रहे हैं। 

 श्री अग्रवाल ने बताया कि रामकथा 21 कन्याओं के निःशुल्क विवाह के पुनीत संकल्प के साथ हो रही हैं। नगर के दानदाताओं और समाजसेवियों के सहयोग से अक्षय तृतीया के अवसर पर मन्दसौर में विवाह का आयोजन धूमधाम से होंगा जिसमे सभी कन्याओ को एक लाख रुपये तक की सामग्री दानदाताओं के सहयोग से दी जाएगी। आपने कहा कि पुनीत संकल्प के साथ हो रही कथा जन-जन की कथा है जिसमे।अधिक से अधिक संख्या में नगरवासी सम्मिलित होकर धर्मलाभ प्राप्त करे। 

इस अवसर पर आचार्यश्री नें पत्रकार एवं मीडिया कर्मियों का दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया। संचालन  हरिकथा आयोजन समिति  संयोजक ब्रजेश जोशी ने किया। आभार संजय वर्मा ने माना ।

इस अवसर पर जनपरिषद अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ घनश्याम बटवाल ने आरती संग्रह 

" आराधना " पुस्तिका आचार्य श्री रामानुज जी को सम्मान स्वरूप भेंट की । आचार्य श्री के सानिध्य में हनुमान चालीसा का सामुहिक पाठ हुआ ।

इस अवसर पर पुज्य जनरल सिंधी पंचायत अध्यक्ष वासुदेव सेवानी संरक्षक दृष्टानन्द नेनवानी नंदू आडवाणी राजेश चाहुजा , माहेश्वरी समाज अध्यक्ष महेश सोमानी नंदकिशोर अग्रवाल राजेंद्र चाष्टा हरीश गर्ग सत्यनारायण छापरवाल सुरेश सोमानी सुनील कटलाना डॉ भानुप्रताप सिसोदिया रमाशंकर शर्मा प्रदीप भाटी दिलीप सोमानी सहित गणमान्य जन उपस्थित थे ।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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