सरोकार : संपत्ति गाइड्लाइन
इटारसी नगर के आसपास पूर्व में कृषिभूमि रही आजकल रिहायशी कॉलोनियों के रूप में परिवर्तित होकर आकर्षण बन चुकी हैं और इन कालोनियों की गाइड्लाइन इटारसी नगर के सभी वार्डों की गाइड्लाइन से काफी कम चली आ रही है।
यही कारण है कि इटारसी नगर के वार्डों में समुचित विकास का अभाव है। यहाँ से लोग पलायन कर कहीं और अथवा अन्य विकसित कालोनियों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।
जो लोग पुराने वार्डों से पलायन कर गए हैं या कहीं दूसरे स्थान स्थानतारित होना चाहते हैं उनकी अचल संपत्तियों को खरीददार नहीं मिल रहे हैं और इसी के चलते या तो उनकी संपत्तियाँ जर्जर होती जा रही हैं या बेचवाल को औने पौने दाम पर बेचने को मजबूर हो रहे हैं।
वहीं शहर के अनेक वार्डों में गाइड्लाइन ज्यादा होने के कारण शासन को भी राजस्व प्राप्ति जिस प्रकार से होना चाहिए वो भी नहीं हो रही है।
उदाहरण के रूप में विपिन नगर स्थित गुरुनानक कॉम्प्लेक्स की गाइड्लाइन पर गौर करें तो यहाँ की गाइड्लाइन अधिक होने के कारण पिछले एक डेढ़ दशक में यहाँ की संपत्ति की कोई रजिस्ट्री आदि नहीं हुई है जो कि ध्यान देने वाली एक महत्वपूर्ण बात है।
शासन यदि ध्यान दे और नगर के वार्डों की गाइड्लाइन को इस प्रकार से निर्धारण करे कि नगर पालिका की सीमा के बाहर बन रही कालोनियों की गाइड्लाइन बढ़े और शहर के गैर बाजार या व्यावसायिक दृष्टि से बाहर के आवासीय वार्डों की गाइड्लाइन को 25 से 40 प्रतिशत तक कम हो जाए। शायद ऐसा करने से नगर में संपत्तियों की खरीद बिकवाली में एक संतुलन आएगा और शासन के राजस्व में भी उचित बढ़ोत्तरी होगी।
नर्मदापुरम संभाग एवं जिले के आला अधिकारी तत्काल इस पर कार्यवाही करें और नई गाइड्लाइन को जारी करें अथवा अस्थाई व्यवस्था के लिए लगभग छः माह तक आवेदन के आधार पर क्रेता को रजिस्ट्री में छूट प्रदान करें। और उसके बाद नई गाइड्लाइन की घोषणा करें।
- भारत भूषण आर गाँधी
(स्वतंत्र पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता)
मोबाईल : 9425366990
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