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वामा साहित्य मंच का आयोजन , वसंत: प्रेम का गुलाबी रंग और वफाओं का बसंती रंग....


 वामा साहित्य मंच का आयोजन , वसंत: प्रेम का गुलाबी रंग और वफाओं का बसंती रंग....

इंदौर। वामा साहित्य मंच, शब्द शक्ति संवाहक में न केवल इंदौर की लेखिकाएं बल्कि देश, विदेश से कई लेखिकाएं जुड़ी हुई है। सभी लेखिकाओं को एक मंच पर एकत्रित करने के लिए वामा साहित्य मंच द्वारा वामा सखियों के लिए वसंत ऋतु और मन की कलम विषय पर तरंग काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक, कविताएं सुनाकर पूरे माहौल को वसंत सा सुंदर और फाल्गुन के रंग सा प्रफुल्लित कर दिया। गोष्ठी में स्वागत भाषण वामा अध्यक्ष ज्योति जैन ने दिया। मुख्य अतिथि के रूप भोपाल की डाॅ. ऋतु मिश्र जुड़ी, जिन्होंने स्वयं अपनी दो रचनाएं जो न मिलते हम और बेटियां जब घर आती है सुनाई तथा वामा सखियों के सुंदर मनोभावों को सुनकर भूरी-भूरी प्रशंसा भी की।  

गोष्ठी में अमर कौर चड्डा, वैजयंती दाते, सुषमा मोघे, शैली खड़कोतकर, कोमल रामचंदानी, विभा जैन, संगीता परमार, उषा गुप्ता, तनुजा चौबे, शैफाली अम्बास्ता, शालिनी बड़ोले, सरला मेहता, सपना सी.पी. साहू, रागिनी सिंह, प्रतिभा जोशी, निरूपमा सिंहा वर्मा, माधुरी निगम, अंजना सक्सेना, कुसुम मर्ह, चंद्रकला जैन, ब्रजराज व्यास, भावना दामले, आशा मुंशी, आशा गुप्ता, हंसा मेहता, अनीता जोशी, रचना चौपड़ा ने अपनी मोहक प्रस्तुतियां दी। इस काव्य गोष्ठी का मधुर संचालन डाॅ. अंजना चक्रपाणी मिश्र ने किया। आगामी कार्यक्रमों की जानकारी वामा सचिव स्मृति आदित्य ने दी और अंत में आभार रुपाली पाटनी ने माना।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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