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आर्ट अनप्लग्ड: सामूहिक कला प्रदर्शनीव


आर्ट अनप्लग्ड: सामूहिक कला प्रदर्शनी

चंडीगढ। पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ की गैलरी ऑफ़ द म्यूजियम  ऑफ़ फाइन आर्ट्स में  आर्ट अनप्लग्ड 2025 सामूहिक कला  प्रदर्शनी के दर्जन भर कलाकार  विविधता  लिए सुरुचि पूर्ण  अभिव्यक्ति के प्रतीक हैं। 

बारह कलाकारों की इस प्रदर्शनी में जहाँ वियाना आस्ट्रिया में बसे   

'गिदरभा' पंजाब के कलाकार सुरील कुमार लकड़ी में पच्चीकारी(वुमन मोजैक) के माध्यम से तैयार अपनी सिरीज़ में " हू एम आई" की गुत्थी को सुलझाने में प्रयासरत हैं। उनका पहेली सुलझाने का कलात्मक तरीका दर्शक को सहज ही आकर्षित  करता है।

प्रदर्शनी में मानसा के चार  उल्लेखनीय कलाकार शामिल हैं। इन कलाकारों में गुरप्रीत  सिंह के सृजनात्मक संयोजन और भू-दृश्य चित्रांकन , अमरीक सिंह  के आयल माध्यम में सजीव जीवन दृश्य, हरजिंदर द्वारा  यथार्थवादी चित्रण एवं व्यक्ति चित्र तथा मानसा के ही प्रसिद्ध  बाॅलपेन आर्टिस्ट बलराज बराड़ के चित्रों का भी अपना ही आकर्षण है।

प्रदर्शनी में शामिल शिमला( हिमाचल) के दो कलाकार सुश्री दीपिका राॅय के स्वप्न चित्रण और स्मृति  विशेष तथा ऋषि राय के  अतियथार्थवादी व साथ ही डिजिटल आर्ट वाले आधुनिक काम हैं।

चंडीगढ़ से जहाँ प्रीति सूद के पुष्प  चित्रण आकर्षित  करते हैं वहीं उनकी अन्य कलाकृतियाँ भी ।चंडीगढ़ से ही कला परास्नातक हरदेव सिंह के श्वेत श्याम छाया चित्रों का भी अपना विशिष्ठ आकर्षण  है।  हरदेव सिंह  विविध  माध्यमों के हरफनमौला कलाकार हैं, यहाँ तक कि वह टैटू कला में भी दक्ष  हैं।

पटियाला पंजाब  की किरणप्रीत कौर के काम में पंजाब  की मिट्टी की सुगंध रची बसी है। ग्राफिक , लघुचित्र  और वाश की दक्षता सम्पन्न इस कलाकार के कार्य में  समकालीन  सोच और महिलावादी झंडाबरदारी  झलकती है।

इस प्रदर्शनी से संग्राहाध्यक्ष अर्थात क्यूरेटर गायब है।  यथासंभव कलाकार  दर्शक से  रूबरू हैं।प्रदर्शनीसंयोजन भी इन्हीं कलाकारों  द्वारा ही किया गया है। प्रदर्शनी में हर कलाकार की 10--10 इस प्रकार कुल 120 कलाकृतियाँ प्रदर्शित हैं। कल जब मैं प्रदर्शनी देखने पहुँचा तब वहाँ मेरी मुलाकात सर्व सुश्री दीपिका राय, प्रीति सूद , किरणप्रीत कौर तथा श्री हरदेव  से हुई। चारों कलाकारों ने अपनी सृजन प्रक्रिया और प्रदर्शित चित्रों की पृष्ठभूमि पर भी मुझ  जिज्ञासु दर्शक के  प्रश्नों का धैर्य पूर्वक समाधान किया ,जो  सचमुच सुखद अनुभव था। प्रदर्शनी 28 मार्च तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से  देर शाम तक निःशुल्क अवलोकनार्थ खुली है। कला प्रेमियों से अनुरोध है कि समय निकालकर प्रदर्शनी का अवलोकन करें तथा कलाकारों का उत्साहवर्धन भी।

 प्रेषक 

      मुकेश तिवारी 

 वरिष्ठ पत्रकार ग्वालियर


देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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