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सामाजिक दस्तावेज है ‘अब होगा इंसाफ’ -आईआईटीटीएम में हुआ फिल्म का प्रदर्शन


 सामाजिक दस्तावेज है ‘अब होगा इंसाफ’ -आईआईटीटीएम में हुआ फिल्म का प्रदर्शन

ग्वालियर। सतपुड़ा चलचित्र समिति मध्य प्रदेश द्वारा साप्ताहिक गतिविधि ‘फिल्म आस्वादन’के तहत शॉर्ट फिल्म ‘अब होगा इंसाफ’ का प्रदर्शन एवं संवाद कार्यक्रम शनिवार को आईआईटीटीएम में आयोजित किया गया। 

लव जिहाद पर आधारित ‘अब होगा इंसाफ’ फिल्म के संवाद कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ नाट्य निर्देशक अनिल तिवारी थे।  इस अवसर पर ‘अब होगा इंसाफ’ फिल्म के निर्देशक विजय तिवारी और सतपुड़ा चलचित्र समिति  के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश चाकणकर, सह सचिव चंद्रप्रताप सिंह सिकरवार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ग्वालियर विभाग प्रचार प्रमुख डॉ.निशांत शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। 

मुख्य अतिथि श्री तिवारी ने कहा कि फिल्म बनाना किसी चुनौती से कम नहीं है और उसका प्रदर्शन होना उससे भी ज्यादा कठिन है। सतपुड़ा चलचित्र समिति ने आज इस कार्यक्रम के माध्यम से जो प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया है इसके लिए हम साधुवाद देते हैं। फिल्म निर्देशक विजय तिवारी ने भी फिल्म निर्माण के अपने अनुभव साझा किए। श्री चाकणकर ने समिति के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक समस्याओं और सांस्कृतिक विरासत को समझने में मदद करती है। वक्ताओं ने कहा कि अब होगा इंसाफ फिल्म एक सामाजिक दस्तावेज है। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का परिचय श्री सिकरवार ने दिया। अतिथियों का स्वागत मनीष मांझी, सरला सक्सेना, अंकित प्रजापति ने किया। कार्यक्रम का संचालन नारायण पिरोनिया एवं आभार उमेश गोंजे ने व्यक्त किया। 

लव जिहाद पर केंद्रित है फिल्म

विजय तिवारी द्वारा निर्देशित ‘अब होगा इंसाफ’ फिल्म लव जिहाद पर आधारित है। जिसमें प्रेम के नाम पर एक हिंदू लडक़ी को धर्मांतरण के लिए मजबूर किया जाता है। जब वह अपना धर्म नहीं छोड़ती है तो उसके शरीर को  टुकड़ों में काट देता है। फिर लडक़ी के घर वालों की शिकायत पर पुलिस जांच करती है और तथाकथित प्रेमी शादाब को पकडऩे के बाद हत्या का खुलासा होता है। जिस पर लडक़ी आस्था के पिता रास्ते मे पुलिस की हिरासत में शादाब का सिर काट देते हंै और ऐसे दरिंदो को मां बाप की ओर से संदेश देते हंै कि फिर किसी आस्था के टुकड़े होंगे तो उसका भी वही हाल होगा।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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