शासकीय कन्या महाविद्यालय इटारसी में गुरु पूर्णिमा उत्सव का भव्य आयोजन किया गया
इटारसी । शासकीय कन्या महाविद्यालय इटारसी में पारंपरिक श्रद्धा एवं उल्लास के साथ गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी की उपस्थिति में कमला नेहरू सांदीपनी स्कूल भोपाल से वेवकास्ट के माध्यम से प्रसारित कार्यक्रम मे सहभागिता प्रस्तुत की ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। प्राचार्य डॉ. आर.एस. मेहरा ने अपने उद्बोधन में गुरु की भूमिका को जीवन निर्माण में आधार स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि "गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि वह चरित्र, संस्कृति और मार्गदर्शन के स्रोत होते हैं।"
कार्यक्रम में प्राध्यापकों को सम्मानित भी किया गया। महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. हरप्रीत रंधावा ने गुरु-शिष्य परंपरा के ऐतिहासिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। आपने कहा कि गुरु शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति की आत्मा है जहां ज्ञान केवल सूचना नहीं बल्कि अनुभव एवं संस्कार के रूप में स्थानांतरित होता है। समाजशास्त्र के प्राध्यापक श्री रविंद्र चौरसिया ने कहा कि शिक्षक एक श्रेष्ठ समाज का निर्माण करता है और एक जागरूक समाज ही देश को सही दिशा प्रदान करता है । डॉ. शिरीष परसाई ने बताया कि गुरु न केवल ज्ञान प्रदाता होते हैं बल्कि वे समाज निर्माता, संस्कार प्रदाता एवं चेतना के संवाहक होते हैं गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर हम सभी पूर्ण समर्पण, श्रद्धा और कृतज्ञता से गुरुओं को सादर नमन करते हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य का भारतीय संस्कृति में गुरु की महिमा और महत्व को उजागर करना था। कार्यक्रम में श्रीमती मंजरी अवस्थी,श्री स्नेहांशु सिंह, श्री रविंद्र चौरसिया, डॉ हर्षा शर्मा, डॉ मुकेशचंद्र विष्ट, डॉ शिखा गुप्ता, डॉ. संजय आर्य, डॉ. श्रद्धा जैन, डॉ नेहा सिकरवार, श्री हेमंत गोहिया, प्रिया कलोसिया, क्षमा वर्मा, करिश्मा कश्यप, राजेश कुशवाहा, मंथन दुबे तथा छात्राएं उपस्थित थी।
गुरु पूर्णिमा का यह आयोजन न केवल गुरु के प्रति आदर व्यक्त करने का माध्यम बना, बल्कि विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का सशक्त प्रयास भी रहा।
प्राचार्य
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