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नेशनल लोक अदालत में नगरपालिका ने बनाया वसूली का रिकॉर्ड, लगभग 1 करोड़ रुपए वसूले


नेशनल लोक अदालत में नगरपालिका ने बनाया वसूली का रिकॉर्ड, लगभग 1 करोड़ रुपए वसूले

इटारसी। नगरपालिका ने हाल ही में आयोजित नेशनल लोक अदालत में संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन के निर्देश, सीएमओ श्रीमती ऋतु मेहरा के नेतृत्व और राजस्व निरीक्षक. की मॉनिटरिंग में राजस्व वसूली का नया रिकॉर्ड बनाया है। इस बार नगरपालिका ने अपने ही कार्यालय के नीचे लोक अदालत का काउंटर लगाकर, सिर्फ दो दिनों में लगभग 1 करोड़ रुपये का बकाया राजस्व वसूल किया है। यह राशि पिछली लोक अदालतों की अधिकतम वसूली से लगभग दोगुनी है।
कार्यालय में काउंटर लगाने का मिला फायदा
पहले नगरपालिका का राजस्व अमला लोक अदालत के लिए कोर्ट परिसर में जाता था, लेकिन इस बार सीएमओ श्रीमती ऋतु मेहरा ने एक नया प्रयोग किया। उन्होंने नगरपालिका कार्यालय में ही काउंटर लगवाए। इस कदम को वसूली में मिली सफलता का प्रमुख कारण माना जा रहा है। शहर के बीच में स्थित होने से दूर जाने से कतराने वाले बकायादारों को आसानी हुई और उन्होंने बड़ी संख्या में आकर अपना बकाया जमा किया।
छूट और प्रोत्साहन से बढ़ी वसूली
नगरपालिका ने इस नेशनल लोक अदालत में बकायादारों को आकर्षित करने के लिए शासन से मिले निर्देशों के परिपालन में संपत्ति कर, जल कर और दुकान किराया बकाया में कुछ शर्तों के साथ छूट भी दी। इस छूट ने लोगों को अपना बकाया चुकाने के लिए प्रोत्साहित किया। दो दिनों तक चले इस अभियान के दौरान कुल 1063 रसीदें काटी गईं।
विभिन्न श्रेणियों में वसूली का विवरण
- जलकर : 9,98,865 रुपए की मांग पर 1,37,775 रुपए की छूट के बाद 8,61,090 रुपए की वसूली हुई।
- संपत्ति कर : 75,91,704 रुपए की मांग पर 10,47,131 रुपए की छूट के बाद 65,44,573 रुपए की वसूली हुई।
दुकान किराया : 29,34,168 रुपए की मांग पर 4,04,713 रुपए की छूट के बाद 25,29,455 रुपए की वसूली हुई।
इस प्रकार, नगरपालिका ने कुल 1,15,24,737 रुपए की मांग पर 15,89,619 रुपए की अधिभार छूट देकर 99,35,118 रुपए की रिकॉर्ड वसूली की।
सीएमओ ने कर्मचारियों को दी शाबाशी
इस शानदार सफलता पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती ऋतु मेहरा ने कर्मचारियों की जमकर तारीफ की और शाम को मिठाई खिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कड़ी मेहनत से यह सफलता मिली है और भविष्य में भी इसी तरह राजस्व वसूली पर ध्यान दिया जाएगा। यह नया प्रयोग सफल रहा और अब इसे नियमित रूप से जारी रखने की योजना है, जिससे बकाया राजस्व की वसूली को बढ़ाया जा सके।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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