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पावागिरि में वार्षिक कलशाभिषेक के साथ क्षमा वाणी कार्यक्रम संपन्न


 पावागिरि में वार्षिक कलशाभिषेक के साथ क्षमा वाणी कार्यक्रम संपन्न

अनेक प्रकार से पीड़ित करने गाली देने वालों के प्रति क्षमा भाव रखना, अद्भुत है जैन धर्म - ज्ञानचंद जैन

 ललितपुर। बुंदेलखंड के प्रसिद्ध जैन सिद्ध क्षेत्र पावागिरि में वार्षिक कलशाभिषेक के साथ क्षमा वाणी महापर्व मनाया गया। सुबह चैतन्य चमत्कारी मूलनायक पारसनाथ स्वामी का अभिषेक शांतिधारा पूजन विधान किया गया। दोपहर की बेला में मुख्य कार्यक्रम संपन्न हुए जिसमें ध्वजारोहण सिंघई कैलाशचंद्र आदेश जैन गेवरा ने किया। मूलनायक एवं आचार्य श्री के चित्र का अनावरण उत्तमचंद्र, अशोक कुमार, विनोद वैरागी, अनिल नयाखेड़ा ने किया। वार्षिक कलशभिषेक सौरभ विरधा, पवित्र पवा, देवेंद्र कुमार, निर्मल जैन बबीना ने किया, डॉ. जयकुमार सुनील जैन चकरपुर, शिखरचंद्र माताटीला एवं अरविन्द विरधा ने शांतिधारा, दानाशाह जैन नयाखेड़ा ने छत्र और संजय जैन बबीना ने महाआरती का सौभाग्य प्राप्त किया। पूजन विधान के बाद फूलमाल का आयोजन किया गया। जिसमें जयकुमार कन्धारी, विजय जैन बाँसी, धर्मेंद्र जैन नयाखेड़ा, सनत जैन बबीना, अंजेश गुंदेरा ने पुण्यार्जन किया। क्षमापना दिवस पर गत वर्ष में जाने अनजाने हुई गलतियों के लिये सभी ने एक दूसरे से क्षमा मांगी। इस मौके पर अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने कहा उत्तम क्षमा दशलक्षण का पहला धर्म है, जिसे सभी को अपने जीवन में धारण करना चाहिए, क्षमा वीरों का आभूषण है जिस व्यक्ति महान बनता है। अनेक प्रकार से पीड़ित करने गाली देने वालों के प्रति क्षमा भाव रखना सिखाता ऐसा अद्भुत जैन धर्म है। उपाध्यक्ष विशाल जैन पवा ने कहा कि मानव जीवन को सफल बनाने के लिए स्वभाव से हृदय में और व्यवहार में क्षमा मृदुता ऋजुता और शुचिता का होना अति आवश्यक है। जिसके लिए 28 अगस्त से प्रारम्भ हुए 10 दिन चलने वाले दशलक्षण पर्व में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन और ब्रह्मचर्य धर्म की साधना की गयी। कार्यक्रम में सतीश चंद्र, राजकुमार जैन, प्रशन्न कुमार, प्रकाश चंद्र, राजीव कुमार, संजीव जैन, विजय कुमार, संदीप जैन, आदेश मोदी, अटल जैन, जितेंद्र कुमार, सौरभ पवा, अमितेष, अमित जैन, ऑडीटर पंकज भंडारी, अजय कुमार, अमन जैन, अचिन जैन, रुपेश भंडारी, गौरव जैन सहित निकटवर्ती सकल दिगम्बर जैन समाज का सक्रिय सहयोग रहा। संचालन ज्ञानचंद बबीना एवं आभार व्यक्त जयकुमार कन्धारी और विशाल पवा ने किया।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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