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काव्य : पूर्णिका दीपावली पर्व -राम वल्लभ गुप्त "इंदौरी"


 काव्य : 

पूर्णिका

दीपावली पर्व 

 हम  दीपावली  पर्व  मनाते  हैं                             दिए जो शत्रु  ने दर्द भुलाते  हैं 


धर्म  के नाम पर मारा दुश्मन ने                                आंसू दर्द भरे हमको याद आते है


उन्हीं  घरों में पसरा  मातम आज

अतःमनाने खुशी में हम लजाते हैं 


धिक्कार है गैरत को बंधु हमारी

अपनों को गर आज भूल जाते हैं


पहलगांव में भाई जो हो गए शहीद

हरगिज न उनको हम भूल पाते हैं 


हमें मातृशक्ति का याद रखना है दर्द                          पावन सिंदूर की हम याद  दिलाते हैं  

 

एक लक्ष्य को लेकर आज चलें यारो

अब पाकिस्तान को भारत बनाते हैं 


कहत राम"इंदौरी"जल्दी से जल्दी

अपना  तिरंगा  लाहौर  फहराते हैं 


 - राम वल्लभ गुप्त "इंदौरी"

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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