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आम के आम गुठलियों के दाम


 

आम के आम गुठलियों के दाम

मंदसौर।  दिपावली पर घरों से निकाली गई कोई भी अनावश्यक वस्तु जिसे हम आम भाषा मे अटाला या कचरा कहते हैं उसे पुनर्चक्रिकरण (रिसाइकिलिंग) करके न सिर्फ बहूमुल्य का संरक्षण किया जा सकता है बल्कि इन अनावश्यक समझी जाने वाली चीजों से होने वाली आय से समाज के निर्बल एवं अशक्त वर्ग की सेवा भी सम्भव है ये विचार अजय डांगी ने पर्यावरण प्रेमी चन्दा डांगी की प्रेरणा से भारतीय जैन मंदसौर शाखा द्वारा आयोजित अटाले से पर्यावरण बचाओ अभियान के दौरान व्यक्त किए । घरों से निकलने वाले सभी तरह के प्लास्टिक(सिंगल यूज़ प्लास्टिक बैग्स,दूध की थैली, डिब्बे,बाटल), गत्ते की पेकिंग  पुराने कपड़े, अखबार, कांच,  एच डी पी ई बैग्स आदि । 

इस अवसर पर संस्था की अध्यक्ष श्वेता पोरवाल, स्वाति रिछावरा, जितेश फरक्या, खुशबू आदि ने अपने घर से अनुपयोगी सामान रिसाइकिलिंग के लिए दिया।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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