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शासकीय कन्या महाविद्यालय और इनर व्हील क्लब ने किया थैलेसीमिया-सिकल सेल रोग पर जन-जागरूकता कार्यशाला का आयोजन


 

शासकीय कन्या महाविद्यालय और इनर व्हील क्लब ने किया थैलेसीमिया-सिकल सेल रोग पर जन-जागरूकता कार्यशाला का आयोजन

​ इटारसी । शासकीय कन्या महाविद्यालय, इटारसी और इनर व्हील क्लब, इटारसी के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को महाविद्यालय परिसर में थैलेसीमिया एवं सिकल सेल रोग जैसे गंभीर आनुवंशिक रक्त विकारों पर एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं और उनके माध्यम से समाज को इन रोगों के कारण, बचाव, और समय पर जांच के महत्व के बारे में जागरूक करना था।कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. सत्येंद्र सिंह राठौड़, संरक्षक, थैलेसीमिया जन जागरण समिति,नीमच ,श्रीमती सविता साहू, अध्यक्ष, इनर व्हील क्लब इटारसी, समाजसेवी एडवोकेट रमेश के साहू उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. एस. मेहरा ने कहा कि शिक्षण संस्थानों का दायित्व केवल अकादमिक ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारे विद्यार्थियों के संपूर्ण स्वास्थ्य की सुरक्षा भी है। इसलिए, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि महाविद्यालय में समय-समय पर जागरूकता शिविरों और स्वैच्छिक रक्त परीक्षण कैम्पों का आयोजन किया जाए, ताकि हमारी छात्राएँ और उनके परिवार थैलेसीमिया और सिकल सेल जैसे रोगों के प्रति जागरूक हों और सही समय पर निवारक स्वास्थ्य परीक्षणों को अपनाएँ।​डॉ. राठौड़ ने बताया कि थैलेसीमिया और सिकल सेल रोग दोनों ही आनुवंशिक रक्त रोग हैं।यदि माता और पिता दोनों थैलेसीमिया या सिकल सेल के वाहक होते हैं, तो बच्चे में यह रोग होने की 25% संभावना होती है। उन्होंने आग्रह किया कि विवाह से पहले लड़का और लड़की दोनों अपनी एचबी इलेक्ट्रोफोरेसिस जाँच अवश्य कराएँ ताकि पता चल सके कि वे इन रोगों के वाहक तो नहीं हैं। यदि दोनों वाहक पाए जाते हैं, तो उन्हें चिकित्सकीय सलाह पर विचार करना चाहिए।श्रीमती साहू ने कहा कि इनर व्हील क्लब इस गंभीर विषय पर समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिबद्ध है जागरूकता की कमी के कारण ये गंभीर बीमारियाँ बढ़ रही हैं। हर युवा को अपने खून की साधारण जाँच करवानी चाहिए और इस जानकारी को एक सामाजिक जिम्मेदारी समझकर आगे बढ़ाना चाहिए। समाजसेवी श्री रमेश के साहू ने कहा कि हमारी छात्राएँ परिवार की स्वास्थ्य चेतना की प्रथम शिक्षिका हैं, इसलिए इनकी शिक्षा और जागरूकता सबसे आवश्यक है। इस कार्यक्रम की महत्ता को समझते हुए, हम जल्द ही महाविद्यालय में एक निःशुल्क थैलेसीमिया और सिकल सेल परीक्षण शिविर का आयोजन करेंगे, क्योंकि हमारा लक्ष्य स्पष्ट है - जाँच ही बचाव है। कार्यशाला के अंत में, छात्राओं ने भी इस गंभीर विषय में गहरी रुचि दिखाते हुए, थैलेसीमिया और सिकल सेल रोग के लक्षण, वंशानुक्रम और निवारक उपायों के संबंध में विस्तृत प्रश्न पूछे, जिनका समाधान डॉ. सत्येंद्र सिंह राठौड़ द्वारा किया गया। कार्यक्रम में थैलेसीमिया जन जागरण समिति नर्मदा पुरम संभाग के अध्यक्ष इंजीनियर शशांक राजपूत भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ शिरीष परसाई के द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. भावना यादव ने किया। कार्यक्रम में श्रीमती मंजरी अवस्थी, श्रीमती पूनम साहू, डॉ हर्षा शर्मा, नीतू अहिरवार , डॉ संजय आर्य, डॉ शिखा गुप्ता, डॉ श्रद्धा जैन, डॉ नेहा सिकरवार, तरुणा तिवारी, प्रिया कलोसिया, करिश्मा कश्यप, श्री राजेश कुशवाहा तथा अधिक संख्या में छात्राएं उपस्थित थी।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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