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प्रभात साहित्य परिषद,भोपाल की काव्य गोष्ठी संपन्न





प्रभात साहित्य परिषद,भोपाल की काव्य गोष्ठी संपन्न 

 भोपाल/राजधानी की चर्चित संस्था प्रभात साहित्य परिषद द्वारा विश्व रंग के अन्तर्गत *चिट्ठी* विषय पर काव्य गोष्ठी का आयोजन परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष श्री महेश प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में एवं चर्चित मंचीय कवि श्री चौधरी मदन मोहन "समर" के मुख्य आतिथ्य में तथा वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती कुसुम श्रीवास्तव के विशेष आतिथ्य में एवं डॉ. अनीता तिवारी के संचालन में हिंदी भवन के नरेश मेहता कक्ष में किया गया. 

                 इस अवसर पर पिछली काव्य गोष्ठी की सर्वश्रेष्ठ चुनी गई रचना के लिये नीति राज चौरे को सरस्वती प्रभा सम्मान से अलंकृत किया गया. 

                सरस्वती वंदना के उपरांत हरिओम सोनी ने पढ़ा चिट्ठी पढ़ते ही आशु न बहाना, ये मोती सम्भाल के रखना रब के वास्ते. वहीं डॉ. अनीता तिवारी ने पढ़ा वेदना के बीज उपजे आज फिर मन में मेरे. एक चिट्ठी आज फिर में बाँचती ही रह गईं. वहीं प्रदीप कश्यप ने पढ़ा वो आयेगा त्यौहार पर कल जिसकी ये चिट्ठी मिली. उस वीर सैनिक की वतन पर जाँ निछावर हो गई. वहीं चौधरी मदन मोहन "समर" ने पढ़ा वो जो चिट्ठी आई थी मेरा पता लिखी. देखकर भी न देखने की खता लिखी. वहीं रमेश नन्द ने पढ़ा कितनी बातें की थीं तुमने उस दिन खट्टी मिट्टी. जब से गांव गई हो तुमने भेजी नहीं एक भी चिट्ठी. वहीं महेश प्रसाद सिंह ने पढ़ा एक चिट्ठी एसी लिखें जो कागज पर उतरी ही नहीं. रातें गुजारी सोच में दिन गुजरा ही नहीं वहीं डॉ. अनिल शर्मा "मयंक" ने पढ़ा चिट्ठी मेरी बेच दी रद्दीयों के भाव में कौन कहता है कि प्यार बिकता नहीं है.वहीं डॉ. प्रतिभा द्विवेदी ने पढ़ा ऊधौ! तुम चिट्ठी क्यों लाये, जिसकी राह निहारें अंखियां संग नहीं वो आये. के अलावा महेश सोनी, दिनेश शेष, दीप्ति मेहता, गरिमा गुप्ता, पूनम गुप्ता, उमेश गर्ग, अशोक धमेंनिया,अदिति पारवानी,शोभा जोशी, खालिदा सुल्ताना, नीरज दुबे, अखिलेश लोधी, विद्या श्रीवास्तव,वंदना जोशी, ज्योत्सना खोले,ऐस ऐन शर्मा, मोती सागर, अंशुमान खरे,प्रेम चंद गुप्ता आदि ने भाग लिया. 

                  अंत में अशोक निर्मल ने सभी का आभार व्यक्त किया. 

                    

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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