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"सतत अध्ययन एवं महापुरुषों के जीवन चरित्र के अनुकरण से ही व्यक्तित्व में निखार संभव"- आचार्य महेश त्रिपाठी


 

"सतत अध्ययन एवं महापुरुषों के जीवन चरित्र के अनुकरण से ही व्यक्तित्व में निखार संभव"- आचार्य महेश त्रिपाठी

सागर । शासकीय संदीपनी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एम एल बी क्रमांक एक सागर में प्रार्थना सभा में मोटिवेशनल स्पीकर आचार्य महेश त्रिपाठी का परिचय संगीत शिक्षिका श्रीमती रचना तिवारी ने दिया प्राचार्य विनय कुमार दुबे ने कहा कि सागर के बरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद आचार्य महेश त्रिपाठी ने हजारों बाल सभाये करके भारतवर्ष में शिक्षा जगत में पृथक पहचान एवं यश कीर्ति अर्जित की है और उन्हें राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न सम्मान पुरस्कार मिले हैं।

प्रार्थना सभा में छात्रों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय साहित्य सृजन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य पंडित महेश त्रिपाठी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में भारतीय संविधान सभा में सागर की माटी के तीन महापुरुषों की अतुल योगदान का पुण्य स्मरण करते हुए अतीत के गौरव स्वामी विवेकानंद, स्वामी रामकृष्ण परमहंस के विचारों को आत्मसात करने, सदा स्वाध्याय/ अध्ययन करने माता-पिता गुरुजनों का सम्मान करने एवं मूक पशु पक्षियों की जीवन रक्षा, पर्यावरण संरक्षण वृक्षारोपण को जीवन शैली में अपनाते हुए समग्र व्यक्तित्व विकासार्थ नारी सशक्तिकरण के प्रयासों पर रोचक कविताओं के माध्यम से उदबोधन दिया।

आचार्य त्रिपाठी ने कहा कि राष्ट्रभक्ति, राष्ट्धर्म, राष्ट्र प्रथम के ध्येय को अपने से ही एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना साकार हो सकेगी उन्होंने गांधी, विनोवा के सत्य, अहिंसा, प्रेम, करुणा का भाव जागृत करके जीवन में प्रखरता, मानवता, साहस और शुभ संकल्प के भावों को प्रतिष्ठित करने उपाय भी सुझाए। सभी छात्रों ने करतल ध्वनि से आचार्य महेश त्रिपाठी पूर्व प्राचार्य के प्रेरणादायी उद्बोधन से लाभ किया। त्रिपाठी ने आत्मनिर्भर भारत बनाने एवं स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का आवाहन भी किया और संपूर्ण साक्षर भारत बनाने की प्रतिज्ञा दिलाई। विद्यालय परिवार की ओर से राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षक शीतल चंद जैन ने संपूर्ण देश में साक्षरता की अलख जगा रहे आचार्य त्रिपाठी का विद्यालय पधारने पर कृतज्ञता ज्ञापन किया। इस अवसर पर महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल सागर के समस्त शिक्षक शिक्षिका एवं छात्राये उपस्थित रही।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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