पाषाण को भगवान बनाने के संस्कारों के लिए पावागिरि में सजी अयोध्या नगरी
कलश यात्रा से श्रीमज्जिजिनेन्द्र पंचकल्याणक महा महोत्सव का शुभारम्भ सोमवार को
24 माता-पिता 24 सौधर्म इंद्र के साथ विभिन्न इंद्र-इन्द्राणी करेंगे 400 से अधिक जिनबिम्बों के संस्कार
तालबेहट (ललितपुर) बुंदेलखंड के प्रसिद्ध दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र पावागिरि में वात्सल्य मूर्ति बुंदेली संत मुनि सुव्रतसागर महाराज के मंगलमय सान्निध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी संजय भैया मुरैना के दिशा निर्देशन में रविवार को मूलनायक भगवान चमत्कारी बाबा पारसनाथ स्वामी का मस्तिकाभिषेक किया गया। श्रीमज्जिजिनेन्द्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा विश्व शांति महायज्ञ एवं नव गजरथ महा महोत्सव का शुभारम्भ सोमवार को कलश यात्रा से किया जायेगा। पाषाण को भगवान बनाने के संस्कारों के लिए पावागिरि को अयोध्या नगरी बनाया गया है। जहाँ 24 माता-पिता 24 सौधर्म इंद्र के साथ कुबेर इंद्र, महायज्ञ नायक सहित विभिन्न इंद्र-इन्द्राणी 400 से अधिक जिनबिम्बों के संस्कार करेंगे। उप जिलाधिकारी अभिजीत सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी ऱक्षपाल सिंह ने कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। 12 जनवरी को कार्यक्रम के शुभारंभ में चमत्कारी बाबा मूलनायक भगवान का मस्तिकाभिषेक, देवाज्ञा गुरु आज्ञा आचार्य निमंत्रण जाप्यानुष्ठान के बाद मंगल घाट यात्रा निकाली जाएगी। तत्पश्चात वेदिका शुद्धि सकलीकरण इंद्र प्रतिष्ठा एवं नान्दी विधान मंडप प्रतिष्ठा के बाद मंगल ध्वज स्थापना एवं पांडाल उद्घाटन किया जाएगा। दोपहर की मेला में याग मंडल विधान सायं काल महाआरती प्रवचन एवं रात्रि में इंद्र दरबार तत्व चर्चा कुबेर द्वारा अयोध्या की रचना रत्न वृष्टि अष्टकुमारियों द्वारा माता की सेवा 16 स्वप्न दर्शन एवं गर्व कल्याणक की आंतरिक क्रियाओं का आयोजन किया जाएगा। जिसके लिए डॉ. जयकुमार, राजकुमार जैन चकरपुर, अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन बबीना, मंत्री जयकुमार जैन कन्धारी, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद जैन बबीना, उपाध्यक्ष विशाल जैन पवा, ऑडिटर पंकज भंडारी, अजय जैन, अचिन जैन, गौरव विरधा, अमित जैन पिंटू, सौरभ जैन, अक्षत पवा, तरुण आरौन सहित क्षेत्र प्रबंध कार्यकारिणी समिति एवं निकटवर्ती सकल दिगम्बर जैन समाज ने तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।
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