काव्य :
आदि ब्रह्मा तीर्थकर ऋषभदेव जी के मोक्षकल्याणक के अवसर पर,
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असि, मसि, कृषि, श्रुत के.
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इंजी. अरुण कुमार जैन
आदि प्रभु, आदि तीर्थकर, सृष्टि पूज्य भगवान,
नाभि, मरुदेवी सुत प्यारे,
कोटि कोटि प्रणाम.आदि प्रभु...
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मनु,अज,नाभि,कुल संवाहक,आदि ब्रम्हा महान
चैत्र कृष्ण नवमी को जन्मे,
नगर अयोध्या धाम.
असि,मसि,कृषि, श्रुत के परिचायक,अंक, शिल्प दे ज्ञान,
स्वावलम्बन सिखलाने वाले, कोटि कोटि प्रणाम.आदि प्रभु..
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नंदा, सुनंदा पत्नि आपकी,
एक सौ दो संतान,
भरत, बाहुबली, ब्राह्मी, सुंदरी, आदि अनेकों नाम.
आर्यावर्त के थे अधिपति,
किया भारतवर्ष महान,
पिता, प्रवर्तक, प्रभु, युगनायक, कोटि कोटि प्रणाम.आदि प्रभु..
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पुत्रों को दे राजपाट,
यह आर्यावर्त बसाया,
भरत श्रेष्ठ के नाम से देश ये, भारत वर्ष कहाया.
कठिन तपस्या के प्रवर्तक,
कैलाश गिरि निर्वाण.
प्रथम तीर्थकर इस वसुधा के, कोटि कोटि प्रणाम.आदि प्रभु..
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माघ कृष्ण चतुर्दशी को,
प्रभु मोक्ष महल पधराये,
श्रेष्ठ कर्म से ही सुख सच्चा,
जड़, चेतन बतलाये.
ऋषभदेव से वर्धमान तक,
यही ज्ञान, विज्ञान,
निर्वाण दिवस पर कोटि जनों के, शत शत सतत प्रणाम. आदि प्रभु.....
संपर्क //अमृता हॉस्पिटल, सेक्टर 88,फ़रीदाबाद, हरियाणा.
मो //7999469175
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