काव्य :
भारत भूमि पर हमें अभिमान है
भारत भूमि पर हमें अभिमान है ,
देश के तिरंगे पर जान कुर्बान है ।
तन में जब तक प्राण हैं हमारे,
मां को प्रणाम भारत को प्रणाम है ।
रक्षा देश के आन बान शान की
कर्तव्य एक ही हर एक जवान की
तिरंगे के खातिर देते बलिदान हैं
भारत के लाल तुझको लाखों सलाम है
भारत का गणतंत्र अमर ही रहेगा
जय हिंद जय हिंद सारा जग ही कहेगा
देश की अखंडता भारत की पहचान है
शसक्त भारत हमारा सदा ही महान है
देश की सीमाओं पर संकट जब आया
कर्तव्य का सिंदूर वीर ललाटों में सजाया
शोर मचा गया राष्ट्र का स्वाभिमान
शौर्य ने हुंकार भर किया पूर्ण अभियान
सिंदूर आज प्रतीक, संकल्प का बन गया ,
राष्ट्र बचाने वीरों का कदम तब ठन गया ।
ऑपरेशन सिंदूर को है हमारा वंदन ,
वीर सपूतों की मां भारती शत शत अभिनंदन।
- श्रीमती अंजना दिलीप दास
बसना छत्तीसगढ़
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