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ऐसी पावन भूमि जहाँ पाँच कल्याणक हुए अब इसे गजरथ धाम के नाम से जाना जायेगा- मुनि सुव्रतसागर महाराज


 

ऐसी पावन भूमि जहाँ पाँच कल्याणक हुए अब इसे गजरथ धाम के नाम से जाना जायेगा- मुनि सुव्रतसागर महाराज

400 जिनबिम्बो की प्राण प्रतिष्ठा एवं नव गजरथ महा महोत्सव में उमड़े श्रद्धालु, हुए मोक्ष कल्याणक के संस्कार।

तालबेहट (ललितपुर) बुंदेलखंड के प्रसिद्ध दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र पावागिरि में परम पूज्य आचार्य प्रवर गुरुवर विद्यासागर महाराज एवं नवाचार समयसागर महाराज के मंगलमय आशीर्वाद से आयोजित श्रीमज्जिजिनेन्द्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा विश्व शांति महायज्ञ एवं नव गजरथ महा महोत्सव के अंतिम दिन वात्सल्य मूर्ति मुनि सुव्रतसागर महाराज के पावन सान्निध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी संजय भैया मुरैना, सह प्रतिष्ठाचार्य अमित जैन शास्त्री इंदौर के दिशा निर्देशन में शनिवार को सुबह मूलनायक भगवान चमत्कारी बाबा पारसनाथ स्वामी का मस्तिकाभिषेक किया एवं प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ स्वामी का मोक्ष कल्याणक निर्वाण लाडू चढ़ाकर मनाया। अयोध्या नगरी में अभिषेक शांतिधारा के बाद मोक्ष कल्याणक के संस्कार किये गये। दिव्य गूँज के साथ भगवान का निर्वाण हुआ। मोक्ष कल्याणक की पूजन की गयी, निर्वाण लाडू चढ़ाकर मोक्ष कल्याणक मनाया। बुंदेली संत मुनि सुव्रतसागर महाराज ने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए कहा भगवान आदिनाथ स्वामी के मोक्ष कल्याणक और कुंडलपुर में बड़े बाबा के नये मंदिर में विस्थापन तिथि की मंगल बेला के अवसर पर पंचकल्याणक महा महोत्सव में भगवान का मोक्ष निश्चित ही परम सौभाग्य की बात है। दोपहर की बेला में भव्य नव गजरथ महामहोत्सव का आयोजन किया गया जिसमें भारी जन समूह के मध्य नौ रथ की सात फेरी हुई जिसमें हजारों श्रद्धालु उमड़े। प्रमुख पात्र श्री जी को लेकर रथ में चल रहे थे, हाथी पर धर्म ध्वजा लेकर रमेश चंद जैन बबीना परिवार एवं दिव्य घोष के साथ जयकारे लगाते हुए श्रावक मुनि सुव्रतसागर महाराज के साथ चल रहे थे, महिलाएं मंगल गीत गाती हुई चल रही थी।  लौटकर अयोध्या नगरी में श्री जी का मस्तिकाभिषेक किया। मुनि सुव्रतसागर महाराज ने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए कहा जिनशासन की प्रभावना का अवसर और बुंदेलखंड में जन्म लेने का सौभाग्य जो हमें गजरथ करने और देखने का शुभ अवसर मिलता है, अब यह पावन भूमि जहाँ पांच वार श्रीमज्जिजिनेन्द्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा विश्व शांति महायज्ञ एवं गजरथ महा महोत्सव हुए हैं अब इसे गजरथ धाम के नाम से जाना जायेगा। कार्यक्रम प्रभारी सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने निर्विघ्न सफल कार्यक्रम के आयोजन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। क्षेत्र प्रबंध समिति के द्वारा कार्यक्रम के आगंतुक विद्वानों, अतिथियों एवं सहयोगियों का स्वागत सम्मान किया गया। कार्यक्रम में बा. ब्र. अंशु भैया कोलारस, पारस भैया, पं. विनोद कुमार शास्त्री, डॉ. जयकुमार, राजकुमार चकरपुर, अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन बबीना, मंत्री जयकुमार जैन कन्धारी, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद जैन बबीना, उपाध्यक्ष विशाल जैन पवा, संयुक्त मंत्री विकास भंडारी, उपमंत्री आकाश चौधरी, ऑडिटर पंकज भंडारी, अजय जैन, नीरज जैन आगरा, विजय कुमार, मुन्नालाल एड, कुलदीप नौहरकलाँ, दीपक सिंघई, अनिल कुमार, रवि जैन, सौरभ जैन, प्रीतेश पवैया, प्रवीण जैन, आदेश कुमार, तिलक जैन, आशीष जैन, अरविन्द कुमार, अचिन जैन  ईलू, गौरव विरधा, शुभम मोदी, अक्षत पवा सहित क्षेत्र प्रबंध कार्यकारिणी समिति, निकटवर्ती एवं देश के कोने - कोने से पधारे सकल दिगम्बर जैन समाज का सक्रिय सहयोग रहा। महामंत्री जयकुमार जैन कन्धारी ने बताया पंचकल्याणक कार्यक्रम के समापन पर रविवार 18 जनवरी को सुबह मूलनायक भगवान पारसनाथ का अभिषेक शातिधारा के बाद नव निर्मित वर्तमान तीस चौबीसी के मूलनायक भगवान शान्तिनाथ-कुंथुनाथ-अरनाथ स्वामी का मस्तिकाभिषेक किया जायेगा। आभार व्यक्त अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन बबीना एवं उपाध्यक्ष विशाल जैन पवा ने संयुक्त रूप से किया।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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