श्री राम जन्म महोत्सव: 63 वे वर्ष में होगा ऐतिहासिक आयोजन
कार्यक्रम की रूपरेखा और व्यवस्थाओं को लेकर समिति की बैठक हुई
इटारसी। नर्मदांचल की आस्था के प्रमुख केंद्र श्री द्वारिकाधीश बड़ा मंदिर में 63वें वर्ष में श्री रामजन्म महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने व्यवस्थाओं और रूपरेखा को लेकर एक बैठक रविवार को मंदिर प्रांगण में हुई। आयोजन अंतर्गत समिति द्वारा 1963 से प्रतिवर्ष श्री रामकथा का आयोजन एवं रामनवमी पर शोभायात्रा चल समारोह की परंपरा रही है। इस वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 19 मार्च गुरुवार से राम नवमी 27 मार्च शुक्रवार तक प्रतिदिन सायं 07 से 10 बजे तक श्रीमद प्रयागपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ओंकारानंद सारसेटी जी महाराज के मुखारविंद से नगर के श्रद्धालु रामकथा का श्रवणामृत ग्रहण करेंगे।
समिति प्रवक्ता भूपेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि बैठक में समिति सचिव अभिषेक तिवारी ने कार्यक्रम की समग्र रूपरेखा बताते हुये बैठक की प्रस्तावना रख सुझाव आमंत्रित किये। उपस्थित सदस्यों ने विचार प्रस्तुत किये। संरक्षक प्रमोद पगारे ने सविस्तार इस वर्ष होने वाले कार्यक्रम से संबंधित विभिन्न पक्षों पर अपने विचार रखते हुये प्रतिदिन की कथा और चल समारोह में अधिकाधिक संख्या में सहभागिता का आह्वान किया।
समिति अध्यक्ष डॉ नीरज जैन ने महोत्सव को लेकर समिति की तैयारी, योजना और संकल्पना को लेकर अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि समिति द्वारा नगर की मंदिर समितियों, धार्मिक व सामाजिक संगठनों सहित नवरात्र देवी प्रतिमा समितियों से भी संपर्क कर इस पावन आयोजन में आमंत्रित किया जायेगा। योजनानुसार चल समारोह भव्य और दिव्य स्वरूप में अखाड़े, डंडा नृत्य, सांस्कृतिक झांकियों के साथ अपने तय मार्ग से निकलेगा।
बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष विपिन चांडक, उपाध्यक्ष विष्णुशंकर पांडे, कोषाध्यक्ष प्रकाश मिश्रा, सह कोषाध्यक्ष अमित सेठ, नवनियुक्त संयुक्त सचिव शैलेंद्र दुबे, उपाध्यक्ष देवेंद्र पटेल, पूर्व अध्यक्ष सतीश अग्रवाल सांवरिया, पूर्व सचिव अशोक शर्मा एडवोकेट, मनोज सारन, एम एल गौर, दिनेश सैनी, संदेश अग्रवाल, अक्षय तिवारी, विन्नी जुनेजा, अशोक मालवीय, राजकुमार यादव, प्रह्लाद बंग, देवेंद्र पटेल, दीपक उज्जैनिया, सुरेंद्र राजपूत, सुनील दुबे (शिक्षक) घनश्याम तिवारी सहित समिति के पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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