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काव्य : मातृ भाषा दिवस पर, अनचीन्हा,अंजाना साथी.-इंजी. अरुण कुमार जैन ,फरीदाबाद .


 काव्य : 

मातृ भाषा दिवस पर,

अनचीन्हा,अंजाना साथी..

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इंजी. अरुण कुमार जैन 

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अपनी माँ व अपनी भाषा,लगती सबसे प्यारी,

हिंदी, बुंदेली, मालवी,

मारवाड़ी राजदुलारी.

अवधी, ब्रज,प्राकृत या पाली,संस्कृत है न्यारी,

गुजराती, कन्नड व मराठी, सब ही गौरव शाली.

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जिस वसुधा पर जन्म लिया, 

माँ वहीं की वाणी बोले, पिता,भाई,बहिना संग साथी, मीठी मिश्री घोलें.

वही मधुर व अनुरागी, 

हर  इक प्राणी को लगती,

अपनी धरती, मात पिता, 

भाषा संग यात्रा चलती.

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बड़े हुये हम, कहीं भी पहुँचे, फ़्रांस, कनाडा, लन्दन,

पूरी दुनियाँ में करते,

अपनी भाषा अभिनन्दन.

साथ मिलें दो, किसी धरा पर, प्रेम, नेह मन आता,

अनचीन्हा,अंजाना साथी,

अनुरागी बन जाता.

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रहें कहीं भी इस वसुधा पर, अपनी भाषा प्यारी,

ममता,गौरव,नेह,प्रेम की,

यह सुरभित फुलवारी,

आओअपनी मातृभाषा का,

 करें हम मिल वर्धन,

अनुराग, अपनत्व, सद्भाव  बढाती, अपनी भाषा अभिनन्दन.

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संपर्क //अमृता हॉस्पिटल, सेक्टर 88,फ़रीदाबाद, हरियाणा, पिन 121009

मो. 7999469175

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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