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काव्य : वात्सल्य के निर्झर इनसे - इंजी. अरुण कुमार जैन , फरीदाबाद


 

काव्य : 

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च के अवसर पर,

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 वात्सल्य के निर्झर इनसे

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इंजी. अरुण कुमार जैन 

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माँ ,बहिना,पत्नी या बेटी,

 सारे रूप महान,

 देवी दुर्गा या माँ अम्मा, गौरव व सम्मान.

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 धरा सभी को पोषण देती भोजन,आश्रय संबल देती 

 सारी हरियाली है इस पर, सहनशीलता,मृदुता का वर,

 प्यारा आंचल मां का ही था,जीवन अमृत जहां मिला था,

 साथ बहिन की नेह छांव थी,

 हर सांसों में सदा साथ थी,

 गांव, शहर में संग,साथी थे,

 नारी रूप में आश्रय देते.

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गृहस्थावस्था में संग आयी जीवन संगिनी वह कहलायी,

 सुंदर उपवन साथ बनाया सपनों ने आकर भी पाया. प्रगति सफलता समृद्धि थी,

 बेटी पत्नी साथ खड़ी थी,

 इनके सपनों ने पर पाए, श्रेष्ठ रूप में आगे आए,

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 राष्ट्रपति हैं,इस भारत की, महामहिम द्रोपदी मुर्मू जी, न्यायाधीश,मुख्यमंत्री हैं, आईएएस,आईपीएस हैं वैज्ञानिक शिक्षाविद नारी

योगी तपस्विनी भी हैं भारी,

धरा, विश्व के हर स्थल पर श्रेष्ठ योग्य नारी हैं भू पर,

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 ममता,

नेह की सरिता इनसे, वात्सल्य के निर्झर इनसे.

प्रेरणा, संबल, संरक्षण हैं,

सांत्वना की अनुपम निधि हैं.

प्रगति, सफलता दिलवातीं हैं,

 मरहम घाव की बन जातीं हैं,

सदा साथ ये, साथ रहेंगीं,

नेह,प्रेम नित अनुपम देंगीं.

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माँ,धरती, सरिता वर देतीं,

निशा सुरभि,शीतलता देतीं,

युगों युगों से इन्हें नमन है, नारी, माँ, देवी वंदन है.

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संपर्क //अमृता हॉस्पिटल, सेक्टर 88,फ़रीदाबाद, हरियाणा. मो.

7999469175

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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