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जैनधर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभनाथ स्वामी का जन्म एवं तप कल्याणक महामहोत्सव धूमधाम से मनाया


 

जैनधर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभनाथ स्वामी का जन्म एवं तप कल्याणक महामहोत्सव धूमधाम से मनाया

भारतीय जैन मिलन बहुमण्डल एवं वासुपूज्य जिनालय शाखा ने  आदर्श ग्राम पवा के कन्या प्राथमिक विद्यालय में स्वल्पाहार वितरण किया।

तालबेहट (ललितपुर) सिद्ध क्षेत्र पावागिरि सहित जैन मंदिरों में जैनधर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभनाथ स्वामी का जन्म एवं तप कल्याणक महामहोत्सव धूमधाम से मनाया गया। जिसमें भगवान आदिनाथ स्वामी की अभिषेक शांति धारा एवं पूजन विधान की क्रियाएं संपन्न की गयी। कसबे के वासुपूज्य दिगम्बर जैन मंदिर में  वैज्ञानिक संत आचार्य निर्भय सागर महाराज के आज्ञानुवरती शिष्य पूज्य मुनि मेघदत सागर एवं मुनि वृषभदत्त सागर महाराज और पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में  बुंदेलखंड के प्रथम गणाचार्य विराग सागर महाराज  की परम् प्रभावी शिष्या भारत गौरव परम् पूज्यनीय 105 विविक्त श्री माताजी, विप्रा श्री माता जी, वियोजना श्री माता जी, विशुद्रण श्री माताजी के ससंघ मंगलमय सानिध्य में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किये गये। जिसमें सकल दिगम्बर जैन समाज का सक्रिय सहयोग रहा। वहीं आदर्श ग्राम पवा के चैतन्य चमत्कारी आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में पं. सिंघई सौरभ जैन शास्त्री के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ सुशील मोदी ने ध्वजारोहण से किया। कलशाभिशेष कार्यक्रम में मोदी विजय कुमार ने सौधर्म इंद्र, आदेश मोदी ने ईशान इंद्र, मोदी राकेश कुमार आगम जैन ने सनतकुमार इंद्र और उत्तमचंद प्रदीप जैन ने माहेन्द्र इंद्र की भूमिका निभाई। मोदी आनंद कुमार अक्षत जैन एवं मोदी विनय कुमार विनम्र जैन ने शांतिधारा की क्रियाएँ संपन्न की। सिंघई नरेंद्र कुमार जितेंद्र जैन ने छत्र चढ़ाया एवं रमेश चंद्र संदीप जैन ने चमर ढोरे। मोदी राजकुमार जैन परिवार ने मंगल आरती उतारी। तत्पश्चात आर्यिका रत्न पूर्णमती माताजी द्वारा रचित बड़े बाबा आदिनाथ महामंडल विधान का भव्य आयोजन किया गया जिसमें महिला वर्ग ने मंगल कलश की स्थापना एवं पुरुष वर्ग ने ज्ञानदीप प्रज्वलित किया। इस मौके पर पं. सौरभ शास्त्री ने कहा कि जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभ देव स्वामी को जैन धर्म का संस्थापक कहा जाता है, जिन्हें आदिनाथ भगवान के नाम से भी जानते है। बालक आदिकुमार का जन्म इक्ष्वाकु वंश के राजा नाभिराय और रानी मरुदेवी के घर चैत्र कृष्ण नवमी के दिन अयोध्या नगरी में हुआ था उन्होंने सम्पूर्ण जगत को षट कर्म असि मसि क़ृषि वाणिज्य शिल्प एवं विद्या का ज्ञान दिया। एवं कैलाश पर्वत से निर्वाण पद प्राप्त किया। इस मौके पर भारतीय जैन मिलन बहुमण्डल एवं वासुपूज्य जिनालय शाखा ने  ग्राम पवा के कन्या प्राथमिक विद्यालय में स्वल्पाहार वितरण किया। जैन मिलन के अध्यक्ष विशाल जैन पवा ने भगवान आदिनाथ स्वामी के जीवन चारित्र पर प्रकाश डाला एवं उनके आदर्शो को प्रासंगिक बताया। रात्रि में सिंघई पुष्पा जैन ने निवास से मंगल आरती की शोभायात्रा निकाली गयी एवं मूलनायक भगवान आदिनाथ स्वामी की महा आरती का आयोजन किया। अंत में मोदी आनंद कुमार जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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