स्वप्नेश्वर हनुमानधाम में झलकी बनारस की भव्यता, गंगा आरती की तर्ज पर हुई महाआरती
दोपहर में हुए भंडारे में अनुशासन के साथ हजारों भक्तों ने प्राप्त की भोजन प्रसादी
इटारसी। हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर श्री स्वप्नेश्वर हनुमानधाम मालवीयगंज में श्रद्धा और व्यवस्था का अनुपम संगम देखने को मिला। मंदिर समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रमों में जहां एक ओर बनारस की तर्ज पर हुई महाआरती ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं विशाल भंडारे में अनुकरणीय अनुशासन देखने को मिला।
बनारस सी अनुभूति : 56 भोग और महाआरती
हनुमान जन्मोत्सव की संध्या पर मंदिर परिसर में आध्यात्मिक आभा बिखरी, जब बनारस की प्रसिद्ध गंगा आरती की तर्ज पर भगवान की महाआरती की गई। सैकड़ों भक्तों ने एक स्वर में प्रार्थना की, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर पवनपुत्र को 56 प्रकार के व्यंजनों का महाभोग लगाया गया, जिसे बाद में विशेष प्रसाद के रूप में भक्तों के बीच वितरित किया गया।
भंडारे में दिखा सामाजिक समरसता का उदाहरण
दोपहर 1 बजे से प्रारंभ हुए विशाल भंडारे में मंदिर समिति की चाक-चौबंद व्यवस्था की हर तरफ प्रशंसा हो रही है। यहां 'गरीब-अमीरÓ का भेद मिटाकर सभी वर्ग के लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसादी ग्रहण की। भक्तों ने कतारबद्ध होकर अपनी थाली ली और शहर के इतिहास में पहली बार आलीशान सोफे पर बैठकर ससम्मान प्रसादी पाई। समिति के सदस्यों ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए यह सुनिश्चित किया कि हजारों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
दिन भर चले धार्मिक अनुष्ठान
उत्सव की शुरुआत भोर में भगवान के अभिषेक के साथ हुई। बजरंगबली को आकर्षक नवीन पोशाक पहनाई गई और विधि-विधान से चोला चढ़ाया गया। सुबह से लेकर देर रात तक मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर समिति की ओर से सेवक मुकेश मिहानी ने सभी धर्मप्रेमियों का आभार व्यक्त करते हुए इस सफल आयोजन को हनुमान जी की कृपा और नगर वासियों का सहयोग बताया है।
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