भारतीय किसान संघ की जिला बैठक संपन्न, किसानों की समस्याओं पर चर्चा
इटारसी । भारतीय किसान संघ की जिला बैठक का आयोजन कृषि महाविद्यालय पवारखेड़ा में किया गया, जिसमें मुख्य रूप से प्रांत संघठन मंत्री भरत पटैल, प्रांत अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान, कृषि महाविद्यालय के डीन श्री डा पीके मिश्रा, डा एसके पाण्डेय उपस्थित रहे । बैठक में किसानों के लिए नये नवाचारों से कृषि वैज्ञानिकों नें किसानों को अवगत कराया तथा वर्तमान में आ रही किसान संबंधी समस्याओं पर चर्चा की गयी ।
किसान जैविक अपनाकर किसानी बचाएं
कृषि महाविद्यालय के सुनील कुमार पटैल नें बताया कि किसान जैविक खेती अपनाकर किसानी बचानें का माध्यम बन सकता है, जैविक खेती एवं जैव विविधता के माध्यम से खेती करनें से स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर नहीं पड़ेगा एवं कृषि भूमि भी लंबे अंतराल तक उपजाऊ बनी रहेगी ।
नवीन गेंहूं वैरायटियों का भी उपयोग करें किसान
गेंहूं परियोजना संचालक डा केके मिश्रा नें नें बताया कि किसान गेंहूं की नवीन वैरायटी का भी उपयोग करें, संचालक नें गेंहूं की वैरायटी MP-3382, MP-1323, HI-8759, DBW-327 एवं सोयाबीन की जेएस सीरिज के 20 से ऊपर जैसे - 2029,2034 एवं अन्य वैरायटियों का भी उपयोग कर सकते है, कृषि महाविद्यालय किसानों के लिए नये नवाचार एवं अनुसंधान कर रहा है, जिनकी जानकारी समय समय पर किसानों को उपलब्ध करायी जा रही है, जिससे किसानों की उत्पादकता बढ़ सके, एवं भूमि की उर्वरक क्षमता भी बढ़ी रहे ।
किसानों की वर्तमान समस्याओं पर भी चर्चा
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष ओमकार राजपूत नें बताया कि वर्तमान में किसान स्लाट बुकिंग एवं गेंहूं उपार्जन जैसी समस्याओं से जूझ रहा है बड़े किसानों की स्लाट बुकिंग नहीं हो पा रही है, जोकि चिंता का विषय है, सरकार द्वारा शीघ्र समस्याओं का निराकरण किया जाना चाहिए, उपार्जन व्यवस्था सुचारू किया जाए, उपार्जन केन्द्रों पर किसानों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए, समय समय पर किसान प्रतिनिधियों से जिला प्रशासन सुझाव लेकर उपार्जन व्यवस्था की समीक्षा करें, एवं समय समय पर केन्द्रों पर अधिकारी कर्मचारी जाकर उपार्जन व्यवस्था की सतत मानिटरिंग करें, जिससे अन्नदाता की प्रगति बनी रहे एवं प्रदेश और देश अन्नदाता सुखी रहकर देश के भंडार भर सके ।
कृषि वैज्ञानिक एवं किसान एक सिक्के के दो पहलू- संघठन मंत्री
भारतीय किसान संघ के प्रांत संघठन मंत्री भरत पटैल नें बताया कि वैज्ञानिक और किसान दोनों एक सिक्के के दो पहलू है, भारतीय किसान संघ का नारा है- कौन बनाता हिंदुस्तान- वैज्ञानिक,मजदूर,किसान । वैज्ञानिक और किसान मिलकर देश को संपन्नता की और अग्रसित करते है, तथा वैज्ञानिक कृषि से संबंधित नवाचार करके किसानों को अवगत कराते है, नवीन वैरायटियों का अनुसंधान करके किसानों को नये प्रयोग करनें हेतु मार्गदर्शित करते है इसके बाद ही किसान देश को आर्थिक रूप से संपन्न बना पाता है, इसलिए सिस्टम में इन दोनों का सामंजस्य बना रहना बड़ा आवश्यक है ।
भारतीय किसान संघ राष्ट्रवादी संघठन
भारतीय किसान संघ के प्रांत अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान नें ताया कि भाकिसं किसानों के लिए चलाए जानें वाला गैर राजनैतिक एवं राष्ट्रवादी संघठन है जिसके लिए राष्ट्रवाद सर्वोपरि है, इसलिए किसान संघ वैज्ञानिक का भी सम्मान करता है, तथा कृषि वैज्ञानिकों से सतत संपर्क में रहते है जिससे नये नये प्रयोग किसानी के क्षेत्र में होते है, कृषि वैज्ञानिक अपनें कठोर परिश्रम से किसानों को उन्नत और तकनीकी बनानें में सहयोग करते है जिसके लिए किसान उन्हें धन्यवाद ज्ञापित करते है ।
ये रहे उपस्थित
बैठक में भारतीय किसान संघ के प्रांत अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान, प्रांत संघठन मंत्री भरत पटैल, जिला प्रभारी नरेन्द्र दोगने, जिलाध्यक्ष ओमकार राजपूत, जिला मंत्री शंकरसिंह पटैल, सहमंत्री रजत दुबे, उदयकुमार पाण्डेय, शिवमोहन सिंह, ब्रजेश राजपूत,ललित चौहान, राजकुमार राजपूत,सूर्यांश रघुवंशी, गोपाल पटेल, उत्तम पटैल,श्यामशरण तिवारी,रामेश्वर जाट,विनोद दुबे, राजेश दीवान,शरद पटैल,अविनेश चौधरी, मोरसिंह राजपूत,बदामीलाल साध, लाला पटैल, राजेन्द्र सिंह एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
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