प्रभात साहित्य परिषद,भोपाल की काव्य गोष्ठी संपन्न
भोपाल । राजधानी की चर्चित संस्था प्रभात साहित्य परिषद द्वारा *तेवर* विषय पर काव्य गोष्ठी का आयोजन हिन्दी भवन के नरेश मेहता कक्ष में वरिष्ठ साहित्यकार महेश प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में तथा वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र शर्मा अक्षर के मुख्य आतिथ्य में एवं वरिष्ठ साहित्यकार पंडित सुरेश नारायण शर्मा एवं खालिदा सिद्दीकी के विशेष आतिथ्य में तथा डॉ. अनीता तिवारी के संचालन में किया गया.
इस अवसर पर पिछली काव्य गोष्ठी की श्रेष्ठ चुनी रचना के लिये पूनम गुप्ता को सरस्वती प्रभा सम्मान से अलंकृत किया गया.
गोष्ठी के के आरम्भ में डॉ. नीता खरे ने सरस्वती वंदना का वाचन किया वहीं अदिति पारवानी ने पढ़ा प्रकृति का बिगाड़ा जो हमने कलेवर. अब वो भी दिखाने लगी है अपने तेवर वहीं हीरालाल पारस ने पढ़ा तेवर अपना सहकर बनता राख तले अंगार. वहीं चरणजीत कुकरेजा ने पढ़ा तेवर आसमान पर कड़वाहट जुबान पर. ऐसा लगता है मक्खियाँ मंडराती मिष्ठान पर. वही महेश प्रसाद सिंह ने पढ़ा अरुण अम्बर में दहक रहा है सर पे खड़े हुये. धधक रही है धरती हवा के तेवर चढ़े हुये वहीं
अन्त में चरणजीत सिंह कुकरेजा ने सभी का आभार व्यक्त किया. डॉ. प्रतिभा द्विवेदी ने पढ़ा हवा बदल गई बदला पानी कलरव के स्वर बदल गये मौसम क्या बदला देखो तो सबके तेवर बदल गये. वहीं रमेश नन्द ने पढ़ा बंशी कभी बजाकर लीला कभी रचा कर. दिल ले गया कन्हैया तेवर बदल बदल के. वहीं विरोनिका पीटर ने पढ़ा तेरे तेवर ने डाली मेरे पैरों में बेड़ियाँ ऐसी तो मैं न थी जैसा तू ने समझ लिया. इनके अलावा शोभा जोशी नंदनी पटेल रेणु गोस्वामी आबिद काजमी शफी लोदी अशफ़ाक अंसर कृष्ण देव चतुर्वेदी आदि ने भी भाग लिया.
अंत में चरणजीत सिंह कुकरेजा ने सभी का आभार व्यक्त किया.
प्रेषक : संस्थापक ,रमेश नन्द
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