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प्रणेता साहित्य न्यास द्वारा काव्य गोष्ठी एवं पुस्तक लोकार्पण समारोह संपन्न


 

प्रणेता साहित्य न्यास द्वारा काव्य गोष्ठी एवं पुस्तक लोकार्पण समारोह संपन्न

दिल्ली । प्रणेता साहित्य न्यास  के तत्वाधान एक भव्य  काव्य गोष्ठी एवं पुस्तक  लोकार्पण समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन   वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर पत्रकार आदरणीय श्री शंभू पवार जी की अध्यक्षता में गरिमामय  सौहार्द पूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई।

  यह कार्यक्रम साहित्यिक गरिमा, आत्मीयता और सृजनात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। यह आयोजन शर्मा न्यू आर्ट्स कॉलेज शक्तिनगर में हुआ। इस अवसर पर देश के अनेक साहित्यकार, कवि एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।  वीणा अग्रवाल द्वारा सरस्वती वंदना की सुमधुर प्रस्तुति हुई।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में हिंदी अकादमी के पूर्व उप सचिव आदरणीय श्री ऋषि कुमार शर्मा जी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सविता चड्ढा जी तथा वरिष्ठ व्यंग्यकार श्री सुनील जैन ‘राही’ जी की गरिमामय उपस्थिति रही। आज के कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि  के रूप में  वरिष्ठ व्यंग्यकार  डॉ.हरीश नवल जी की उपस्थिति से कार्यक्रम में चार चांद लग गए।

समारोह का मुख्य आकर्षण 'प्रणेता साहित्य न्यास' के अध्यक्ष आदरणीय श्री एस.जी.एस. सिसोदिया जी की पुस्तक “गूँज”का लोकार्पण रहा। सभी अतिथियों ने सामूहिक रूप से पुस्तक का लोकार्पण किया और लेखक को शुभकामनाएँ दीं। अपने उद्बोधन में श्री सिसोदिया जी ने पुस्तक की रचना-प्रक्रिया तथा उसके साहित्यिक उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में संस्था की महासचिव श्रीमती शकुंतला मित्तल जी ने संस्था की साहित्यिक यात्रा एवं भावी योजनाओं पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रणेता साहित्य न्यास साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्यरत है तथा नवोदित रचनाकारों को मंच प्रदान करना संस्था का प्रमुख उद्देश्य है।

इस अवसर पर शर्मा न्यू आर्ट्स कॉलेज के संस्थापक आदरणीय विवेकानंद जी का  सम्मान किया । अतिथियों ने उनके निस्वार्थ सहयोग और साहित्य के प्रति समर्पण की सराहना की।

पुस्तक लोकार्पण के उपरांत आयोजित 'काव्य गोष्ठी' में विभिन्न कवियों एवं साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। जिन कवियों ने काव्य रस की बौछार की उनमें  हमारे बीच उपस्थित रहे अनीता तिवारी, पुनीता सिंह, तरुणा पुंढीर, वीणा अग्रवाल,नीरज त्यागी, पुष्पा सिन्हा, डॉ कल्पना पांडे 'नवग्रह', डॉ पूजा गुप्ता,डॉ सरोज शर्मा, सुबोध जी, रजनी बाला, डॉ  वनिता शर्मा, सुमन पुष्करणा, डॉ अंजू अग्रवाल 'उत्साही' ,अशोक पाहुजा, शकुंतला मित्तल और डॉ. भावना शुक्ल।

काव्य पाठ ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया और पूरा वातावरण साहित्यिक रस से सराबोर हो उठा। कवियों ने प्रकृति, मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक सरोकारों एवं जीवन मूल्यों पर आधारित रचनाएँ प्रस्तुत कीं।


कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन संस्था की उपाध्यक्ष डॉ. भावना शुक्ल केद्वारा किया गया। उन्होंने पूरे समारोह को अत्यंत गरिमामय, सुव्यवस्थित और भावपूर्ण ढंग से संचालित किया।

कार्यक्रम के अंत में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर श्री शंभू पवार जी ने साहित्य को समाज का दर्पण बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन साहित्यिक चेतना को सशक्त बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रणेता साहित्य न्यास की इस पहल की सराहना की।

मीडिया कवरेज "आज के प्रहरी" की टीम अर्चना तिवारी और अंश यादव द्वारा किया गया।

इस आयोजन में महत्वपूर्ण बात यह रही श्री सुनील जैन रही जी का चित्र श्री शिव शंकर लोड जी ने बनाकर उन्हें भेंट किया।

अंत में संस्था की ओर से डॉ भावना शुक्ल ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। सभी के सहयोग से कार्यक्रम सौहार्द, साहित्यिक ऊर्जा और रचनात्मक संवाद के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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