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नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) पर हमारा रुख मिश्रित है - अमित कापरे


 

नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) पर हमारा रुख मिश्रित है - अमित कापरे 

इटारसी । नगर पालिका परिषद इटारसी का विशेष सम्मेलन नगर पालिका परिषद इटारसी के सभागार में सम्पन्न हुआ। जिसमें विचारण के लिए एकमात्र विषय नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के समर्थन के संबंध में चर्चा एवं स्वीकृति के लिए रखा गया था।

इस विषय पर विपक्ष की ओर से एकमात्र कांग्रेस पार्षद अमित कापरे ने अपनी पार्टी की ओर से राय रखी। 

कापरे ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) पर हमारा रुख मिश्रित है।

हम सैद्धांतिक रूप से बिल का समर्थन करते है, लेकिन इसके कार्यान्वयन में देरी (परिसीमन से जोड़ना) और इसमें OBC कोटा न होने पर हमारी कड़ी आपत्ति है।

हम इसे महिलाओं के साथ "देरी" और "असली सशक्तिकरण में बाधा" परिभाषित करते है, हमारा रुख और आपत्तियां स्पष्ट है। 

बिल का समर्थन: ये बिल  हमारा ही पुराना प्रस्ताव (UPA के समय का) है। हम इसे सैद्धांतिक रूप से स्वीकार करते है।

कार्यान्वयन में देरी: हमारा सवाल है कि महिलाओं को आरक्षण के लिए 2029 या उससे अधिक समय तक इंतजार क्यों करना चाहिए? इसे तुरंत लागू करने की मांग है।

OBC आरक्षण की मांग: कापरे ने कहा यह प्रमुख मांग है कि 33% आरक्षण के भीतर OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) की महिलाओं के लिए कोटा निर्धारित किया जाए।

परिसीमन से संबंध: विपक्ष की ओर से पार्षद ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आरक्षण को परिसीमन (Delimitation) से जोड़ना इसे लटकाने की रणनीति है।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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