भारतीय जैन मिलन ने जनगणना-2027 के लिए किया स्वगणना शिविर का आयोजन : जैन श्रावक बोले हमारी भाषा-प्राकृत है
तालबेहट(ललितपुर) भारतीय जैन मिलन वासुपूज्य जिनालय शाखा के तत्वाधान में जनगणना-2027 के लिए स्वगणना शिविर का आयोजन किया गया। देश को सशक्त मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पहली बार ऑनलाइन जनगणना का आयोजन किया जा रहा है जिसमें 21 मई तक स्वगणना का विकल्प दिया गया। जिसके अंतिम दिन गुरुवार को सायं काल की बेला में आओ मिलकर अपनी पहचान बनाएं, राष्ट्रीय कार्यक्रम में सहभागिता निभाएं थीम पर आधारित स्वगणना शिविर में नये बस स्टैंड पर स्थित वासुपूज्य दिगम्बर जैन मंदिर के आस-पास निवास करने वाले परिवारों की स्वगणना की गयी। जिसमें जैन श्रावकों ने कहा हमारी भाषा प्राकृत है। इस मौके पर जैन मिलन शाखा के अध्यक्ष विशाल जैन पवा ने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है तो प्राकृत सभी भाषाओं के जनक हैं जिससे सभी भाषाओं और बोलियों की उत्पत्ति हुई है। यह सबसे प्राचीन भाषा है जिसमें णमोकार महामंत्र लिपिबद्ध है। जनगणना को लेकर बच्चों में भी खूब उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक जितेंद्र कुमार जैन, दशरथ सिंह, सर्वोदय झा, हरीराम कुशवाहा, नवीन भट्ट आदि प्रगणक, मंदिर समिति एवं सकल दिगम्बर जैन समाज का सक्रिय सहयोग रहा। अंत में विशाल जैन पवा ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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