काव्य :
भारत माँ नमन
मेरा देश है मेरी आत्मा,
मेरे जीवन का उजियारा।
इस मिट्टी की सौंधी खुशबू,
लगती मुझको सबसे प्यारा।
इसके पर्वत, इसकी नदियाँ,
गाते वीरों की गाथा हैं।
हर इक खेत की हरियाली में,
बसती लाखों आशा हैं।
मेरा देश है मेरी शक्ति,
मेरी पहचान, मेरा मान।
इसके लिए जियूँ मैं हर पल,
इस पर कर दूँ तन-मन-प्राण।
जब भी तिरंगा लहराए,
दिल गर्व से भर जाता है।
भारत माँ के चरणों में ही,
मेरा सारा सुख आता है।
- डॉ सत्येंद्र सिंह , पुणे
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सत्येंद्र सिंह जी, भारत माँ पर लिखा बेहद मधुर गौरव गान। हार्दिक बधाई🎉🎊
ReplyDeleteलतिका