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काव्य : पूर्ण नशा बंदी - ऋतेश कुमार साहनी , बरेली


 

काव्य : 

पूर्ण नशा बंदी 


चढनी है यदि आपको सफलता की सीढी

भूल से भी ना पीजिए निज जीवन में बीडी

ना होगा कभी आपका कोई काम खराब

आप कभी भी यदि नहीं सेवन करें शराब

होता उनके मन सदा विवेक का उजाला

जो जन कभी भी खाते न पान या मसाला

नशा ना करिए नशा सांस सांस की हानि

नशे के कारण ही बिगडी मानव की कहानी

नशे की लत में मत पडो  नशे की लत नुकसान

नशा तजने वाले जन का ही संभव उत्थान 

संसारी नशा व्यसन है  हृदय से दें नशा त्याग 

जगत के किसी भी नशे से न रखिए  अनुराग

प्रभु की दृष्टि  में आपको यदि बढाने रेट

भूल से भी ना पिजिए जीवन में सिगरेट

मानवता  हो पाएगी तब ही पूर्ण  जिंदा 

जब हर मानव तज देगा मन से पर निंदा.


- ऋतेश कुमार साहनी , बरेली 

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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