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काव्य : माँ - नीता गुप्ता , रायपुर छत्तीसगढ़


 काव्य : 

  माँ


प्रेम और त्याग की मूरत है मांँ,

शैशव और यौवन की जरूरत है माँ,

खुदा से भी हसीन और खूबसूरत है मांँ,

ममता, दया, सत्य की सूरत है मांँ।।


जीवन के उतार चढ़ाव से अभिभूत है माँ,

आर्थिक संकट से उबारने में फलीभूत है मांँ,

जिंदगी की सच्चाइयों से घनीभूत है माँ,

छल दम्भ द्वेष पाखंड से अछूत है मांँ।।


सपनों को राह दिखाने का जरिया है मांँ,

आदर्श और अनुशासन का नजरिया है मांँ,

डूबती कश्ती को पार लगाने की सांवरिया है मांँ,

ममता और प्यार के सागर का दरिया है मांँ।।


तप्ती दोपहर में ठंडी रातों जैसी शीत है माँ,

हार कर उम्मीद दिलाने वाली जीत है मांँ,

घर आंंगन प्रकृति का संगीत है मांँ,

सृष्टि की बनाई हुई सबसे अनुपम प्रीत है मांँ।।।


- नीता गुप्ता , रायपुर छत्तीसगढ़

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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