भोजपाल साहित्य संस्थान की हास्य व्यंग्य गोष्ठी संपन्न
भोपाल । भोजपाल साहित्य संस्थान के अंतर्गत ‘व्यंग्य भोजपाल’ की मासिक हास्य व्यंग्य गोष्ठी का भोपाल हाट परिसर में वरिष्ठ साहित्यकार श्री अशोक निर्मल की अध्यक्षता एवं सुदर्शन कुमार सोनी के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार श्री अरुण अर्नब खरे उपस्थित रहे। संचालन चर्चित उपन्यासकार श्री चंद्रभान राही ने किया।
कार्यक्रम के आरंभ में वरिष्ठ साहित्यकार श्री गोकुल सोनी ने सभी को जानकारी दी कि संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष सुदर्शन कुमार सोनी की चर्चित पुस्तक ‘अगले जनम मोहे कुत्ता कीजो’ की व्यंग्य रचना ‘परोपकार में सेंध’ को एनसीईआरटी आधारित सीबीएसई एवं आईसीएसई कक्षा-8 की New Milestones हिन्दी पुस्तक में शामिल किया गया है। सभी सदस्यों ने उन्हें बधाई दी।
गोष्ठी में विभिन्न साहित्यकारों ने समसामयिक विषयों पर हास्य व्यंग्य रचनाओं का पाठ किया। अशोक व्यास ने “यहां सब फ्री फ्री है”, एस.डी. श्रीवास्तव ने “नारी दिवस व शीला की जवानी”, विवेक रंजन श्रीवास्तव ने “किडनी का अक्षय पात्र”, यशवंत गोरे ने “सब कुछ सीखा हमने, न सीखी राजनीति”, अरविंद मिश्रा ने “सम्मानित होने का सुख”, कमल किशोर दुबे ने “ माँ पर कविता ”, सुरेश पटवा ने “फाइल में गुम रामलाल”, राजेंद्र शर्मा ने “मोटापे की महिमा”, गोकुल सोनी ने “एम्स भोपाल में चूहा उत्सव”, अशोक कुमार धमेनिया ने “डॉक्टर चरित्र”, कैलाश मेश्राम ने “कर्मचारी बीमार : डाइट से उपचार” तथा सुदर्शन कुमार सोनी ने “परोपकार में सेंध” का पाठ किया। राजेश खरे व डॉक्टर अनिल शर्मा मयंक द्वारा भी रचना पाठ किया गया l
श्री चंद्रभान राही ने गजल पढ़ते हुए कहा कि "राही मुझे तो आज भी इसका मलाल है।
जो तीर बिन चलाए कमानों में रह गए।।" अंत में आभार प्रदर्शन अशोक व्यास ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमियों ने अपनी उपस्थिति दी।
सुदर्शन सोनी
कार्यकारी अध्यक्ष,
भोजपाल साहित्य संस्थान, भोपाल
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