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अंतर्राष्ट्रीय आभासी कवि सम्मेलन का आयोजन सम्पन्न



अंतर्राष्ट्रीय आभासी कवि सम्मेलन का आयोजन सम्पन्न 

मुंगेली । कहानिका  झारखंड के इंटरनेशन चैप्टर दुबई  द्वारा दिनांक 6जून 2026 को संध्या 6.00 बजे से गूगल मीट पर वैश्विक पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विषय पर एक सफल आभासी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया ।जिसमें विश्व के कई देशों से हिंदी कवियों ,साहित्यकारों,और पर्यावरण विशेषज्ञों ने भाग लिया ।

मुख्य अतिथि के रूप अंजनी सिन्हा ,प्रमुख कृषि प्रकोष्ठ बोकारो ने जैविक कृषि के बारे में अपने अनुभव बताया और कहा कि आजकल हम जहरीले रासायनिक खादों और कीटनाशकों का उपयोग कर रहे हैं जिससे फसलें और फल सब्जियां भी जहरीली होती जा रही है जिसका प्रतिकूल प्रभाव मानव जीवन पर पड़ रहा है।मिट्टी की उर्वरक क्षमता भी घटती जा रही है।

इसलिए हमें जैविक कृषि पर जोर देना चाहिए जिससे फल, सब्जियां और अनाज पौष्टिक और शुद्ध होंगे।

श्याम कुंवर भारती ,महासचिव मकस सह प्रधान संपादक कहानिका सह सभा अध्यक्ष ने अपने सम्बोधन में कहा कि हमारी ही गलतियों का नतीजा है कि आज विश्व स्तर पर बुरी तरह से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है।अधिक से अधिक संख्या में वृक्षारोपण करे,प्लास्टिक का उपयोग कम करे,नदियों ,तालाबो और समुद्र में प्रदूषित कचड़ा न बहाये,बरसात के छत के पानी को जमा करें,कल कारखानों के चिमनियों के धुआँ को भी वायुमंडल में जाने से पहले शुद्ध करे।

साथ ही भारती ने अपनी संस्था में कार्यक्रमों के बारे में बताया कि अभी पिछले महीने मैहर ,मध्य प्रदेश में भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।अगला आयोजन  जुलाई 2026 जम्मू कश्मीर  में होने जा रहा है जिसमें कवियों को बढ़ चढ़कर भाग लेना चाहिए।

पेड कवि सम्मेलन के बारे में बताया कि आयोजकों द्वारा कवि सम्मेलन की बुकिंग होने पर कवियों को उचित मानदेय और यात्रा भत्ता आदि प्रदान किया जाएगा।

कवि सम्मेलन में भाग लेने वाले कवियों की सभी रचनाओं को काव्य संकलन के रूप में प्रकाशित किया जाएगा।जिन विशेषज्ञों ने अपने विचार व्यक्त किया है उनको आलेख के रूप में प्रकाशित किया जाएगा।

इस अवसर पर जय कृष्ण मिश्रा,अंतराष्ट्रीय संयोजक दुबई ने श्याम कुंवर भारती की लिखी भोजपुरी देवी पचरा गीत संकलन पुस्तक  **जगमहरिनिया ये माई**का ऑनलाइन विमोचन किया।सत्येंद्र नाथ गुप्ता, अंतर्राष्ट्रीय सह संपादक अबुधाबी  ने पत्रिका की इ मैगजीन संस्करण का ऑनलाइन विमोचन किया ।

जय कृष्ण मिश्रा  दुबई ने ग्लोबल वार्मिंग विषय पर अपना काव्य पाठ किया और अपने विचार व्यक्त किया।

सत्येंद्र नाथ गुप्ता आबूधाबी ने जलवायु परिवर्तन विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए काव्य पाठ भी किया । डॉ दिली राम शर्मा काठमांडू, नेपाल ने वृक्षारोपण विषय पर काव्य पाठ और विचार व्यक्त किया।

डॉ उमेश कुमार पाण्डेय छत्तीसगढ़ ने जैविक विविधता पर विचार व्यक्त किया।

मंच का संचालन आशा पाण्डेय,सरगुजा छत्तीसगढ़ और अंजू  पाण्डेय ने किया।सरस्वती वंदना मांगीलाल मरमिट मध्य प्रदेश,गणेश वंदना डॉ दीप्ति खरे मंडला मध्य प्रदेश,देवी गीत श्याम कुंवर भारती ,बोकारो , झारखंड, स्वागत गीत पूनम दुबे वीणा सरगुजा छत्तीसगढ़, स्वागत भाषण - डॉ उमेश कुमार पाण्डेय सरगुजा छत्तीसगढ़ और धन्यवाद ज्ञापन श्याम कुंवर भारती ने किया ।

आभासी कवि सम्मेलन में जिन कवियों ने भाग लिया उनके मुख्य रूप से डॉ दिवाकर पाठक , हजारीबाग,झारखंड, कल्पना झा, बोकारो, मधुमिता साहा रांची, सीमा कुमार,रांची,मांगी लाल मर्मिट विजयपुर,डॉ अंजू पाण्डेय, अंबिकापुर,पूनम दुबे,वीणा सरगुजा, टी सी महतो बोकारो, जगन्नाथ पाण्डेय भटगांव,गायत्री पाण्डेय भटगांव,जय कृष्ण मिश्रा,दुबई, सत्यंद्र नाथ गुप्ता ,अबुधाबी, कौसर भुट्टो दुबई, ऋचा गौतम आबूधाबी, नीरू कालरा, ऑस्ट्रेलिया और श्याम कुंवर भारती बोकारो,झारखंड ने बेहतरीन काव्य पाठ की प्रस्तुति से सबको मंत्र मुग्ध कर दिया।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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